आधार से सिम को लिंक करने की प्रोसेस अब आसान होने वाली है। रिर्पोट्स के अनुसार सिम के री-वेरिफिकेशन की प्रोसेस को आसान बनाया जा रहा है। इसमें यूजर के घर जाकर वेरिफिकेशन और OTP से वेरिफिकेशन शामिल है। इससे टेलीकॉम कंपनियों का काम आसान हो जाएगा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार हर सिम को आधार से दोबारा वेरिफाई करना है।
टेलीकॉम ऑपरेटर को यह कहा गया है कि वह यूजर को उसके घर जाकर वेरिफिकेशन का ऑप्शन दें। इससे ऐसे लोगों को फायदा होगा जो किसी बीमारी या उम्र दराज होने की वजह से मोबाइल स्टोर तक जाने में सक्षम नहीं हैं।
मोबाइल कंपनियों से कहा गया है कि वह वेबसाइट व अन्य माध्यमों से यूजर को यह सुविधा दें कि वह घर पर वेरिफिकेशन के लिए रिक्वेस्ट कर सकें। इसके अलावा वन टाइम पासवर्ड (OTP) व आईवीआरएस से वेरिफिकेशन करने की सुविधा भी शुरु करें।
इसका मतलब हुआ कि अगर आधार के डेटा बेस में कोई मोबाइल नंबर दर्ज है तो उसके री-वेरिफिकेशन के लिए ओटीपी का यूज किया जा सकता है। इसके अलावा अगर यूजर ने कोई और नंबर भी लिया है तो उसका भी री-वेरिफिकेशन हो जाएगा।
अभी आधार के डाटाबेस में करीब 50 करोड़ मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड हैं। इनका री-वेरिफिकेशन ओटीपी या वीआरएस के जरिए हो सकेगा। एजेंट से वेरिफिकेशन करवाने व नया नंबर देने के मामले में सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि किसी भी ग्राहक की प्राइवेसी मेनटेन रहे और उसकी डिटेल का कोई मिसयूज न कर पाए। एजेंट के कंप्यूटर या डिवाइस में ग्राहक का डाटा स्टोर नहीं किया जाएगा। मौजूदा व्यवस्था में एजेंट ग्राहक की तस्वीर और ई-केवाईसी देख सकता है।
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