तमिल फिल्म मर्सल को लेकर चल रहे विवाद के बीच फिल्म के निर्माता ने कहा है कि वह जीएसटी से जुड़े सीन हटाने को तैयार हैं। प्रोड्यूसर मुरली रामास्वामी ने कहा है, ' हमने बीजेपी नेताओं को अपना पक्ष बता दिया है, अगर जरूरी है, तो हम उन दृश्यों को हटाने के लिए तैयार हैं, जिनसे गलतफहमी पैदा हो रही है।'

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जीएसटी के बारे में गलतफहमी

आपको बता दें कि तमिल सुपर स्टार विजय की फिल्म मर्सल में जीएसटी और डिजिटल इंडिया को लेकर कुछ सीन को लेकर बीजेपी ने आपत्ति जताई थी। बीजेपी का कहना था फिल्म में जीएसटी और डिजिटल इंडिया को लेकर गलत संदेश दिया गया है।

क्यों उठा विवाद

बता दें कि फिल्म में जीएसटी से जुड़ा सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें फिल्म के हीरो विजय कह रहे हैं, 'सिंगापुर में 7 प्रतिशत जीएसटी है, फिर भी वहां मुफ्त मेडिकल सुविधाएं हैं। जबकि भारत में दवाइयों पर 12 प्रतिशत जीएसटी है और अल्कोहल पर कोई जीएसटी नहीं है।' इस सीन में विजय गोरखपुर ट्रेजेडी पर भी बोलते नजर आ रहे हैं। इससे पहले फिल्म अभिनेता कमल हसल ने भी विजय के समर्थन में ट्वीट किया था।

प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने उठाई आवाज

इस मामले में प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से जुड़े प्रोड्यूसर सिद्धार्थ रॉय कपूर ने मर्सल के निर्माताओं का बचाव करते हुए कहा था, 'हम सेंसर बोर्ड की सराहना करते हैं, जो अभिव्यक्त‍ि की स्वतंत्रता के मामले में मर्सल के प्रोड्यूसर्स के साथ खड़ा रहा। साथ ही फिल्म के कैरेक्टर द्वारा दी गई अपनी अलग राय को बरकरार रखने की इजाजत दी।

अपील

सिद्धार्थ ने कहा, अब हम ऐसे अधिकारियों को नियुक्त किए जाने की उम्मीद करते हैं, जो उन मामलों से निपट सके, जिनमें फिल्म के कंटेंट में बदलाव के लिए निर्माताओं पर दबाव बनाया जाता है। साथ ही सेंसर बोर्ड से सर्टिफाइड फिल्मों को बिना किसी कांट-छांट के रिलीज कराने में मदद करे।