भारत तेल के मामले में खाड़ी देशों पर अपनी निर्भरता को थोड़ा कम करना चाहता है। इसीलिए अब भारत अमेरिका से तेल आयात कर रहा है। भारत की तेल कंपनियां अमेरिका से तेल आयात कर रही हैं। हालांकि अमेरिका ने हाल के दिनों में करीब 20 लाख बैरल तेल दूसरे देशों के बेचे लेकिन भारत को लेकर उनका निर्यात ना के बराबर ही रहा।
2015 में क्रूड ऑयल से प्रतिबंध हटने के बाद से भारत को तेल की कुछ ही खेप मिली है। अब भारतीय रिफाइनरियों ने अमेरिका से ज्यादा मात्रा में तेल मंगवाना शुरू कर दिया। दरअसल, भारत मध्य पूर्व के देशों के अलावा अन्य देशों से तेल आपूर्ति बढ़ाना चाहता है। रिफाइनरियों में अमेरिका के दोनों तरह के कच्चे तेल की टेस्टिंग हो रही है। किसी नई जगह से क्रूड ऑइल मंगवाने पर ऐसी टेस्टिंग होती ही है।
जून के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मुलाकात में भारत को एनर्जी एक्सपोर्ट्स पर बातचीत हुई थी। मोदी सरकार तब से ढुलाई की शर्तें हटाते हुए ज्यादा मात्रा में कच्चे तेल की आयात को बढ़ावा दे रही है। भारतीय रिफाइनरियों इंडियन ऑइल कॉर्प, भारत पेट्रोलियम कॉर्प और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. को जहाजरानी मंत्रालय से मार्च महीने तक अमेरिका से तेल आयात करने की विशेष अनुमति मिली है।
यूएस ईआईए के जुलाई तक के आंकड़े बताते हैं कि इस साल सिर्फ फरवरी में ही अमेरिका से कच्चा तेल भारत आया था। अगस्त में इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन ने 9 लाख 50 हजार बैरल ईगल फोर्ड शेल ऑइल खरीदा था जबकि इतनी ही मात्रा में मार्स क्रूड ऑइल की डिलिवरी अक्टूबर के अंत में हुई थी।
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