चीन की सैनी हैवी इंडस्ट्री सहित करीब 600 कंपनियां भारत में लगभग 85 अरब डॉलर निवेश की योजना बना रही हैं। माना जा रहा है कि ये कंपनियां जिन परियोजनाओं में निवेश करेंगी, उनसे देश में आने वाले पांच सालों में रोजगार के करीब 7 लाख अवसर पैदा होंगे। अगर ये सब सही हो रहा है तो मोदी के लिए 2019 की राह आसान हो सकती है।
100 अरब डॉलर विदेशी निवेश का लक्ष्य
विदेशी निवेश को बढ़ावा देने वाली सरकार की नीति इंवेस्ट इंडिया के तहत देश को निवेश के लिए एक आकार्षक जगह के रुप में बेहतर ढंग से पेश करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि ऐसी 200 कंपनियों की लिस्ट बनाई है, जो अभी भारत में कारोबार नहीं कर रही हैं। तो वहीं दो वर्षों में 100 अरब डॉलर विदेशी निवेश का लक्ष्य पाना चाहते हैं।
2017 में 43 अरब डॉलर विदेशी निवेश हुआ
इसमें पुरानी और नई दोनों ही तरह की परियोजनाओं में निवेश शामिल है। वित्त वर्ष 2017 के दौरान भारत में सबसे ज्यादा 43 अरब डॉलर विदेशी निवेश हुआ है। दुनिया की बड़ी इंजिनियरिंग मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स में शामिल चीन की सैनी हैवी इंडस्ट्री भारत में 9.8 अरब डॉलर निवेश करना चाहती है।
निवेश के ज्यादातर प्रस्ताव चीन से हैं
एनर्जी और वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में इन कंपनियों ने सबसे ज्यादा रुचि दिखाई है। इसके बाद कंस्ट्रक्शन और ई-कॉमर्स का नंबर है। भारत में निवेश के लिए अधिकतर प्रस्ताव चीन से मिले हैं। इसके बाद अमेरिका से 24 फीसदी और 11 फीसदी इंग्लैण्ड से मिले हैं।
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