औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के अगस्त के आंकड़े गुरुवार को जारी किए गए, जिसमें फैक्टरी आउटपुट में पिछले साल के समान माह की तुलना में 4.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा योगदान खनन और विद्युत क्षेत्र में आई मजबूती का रहा।
सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में जुलाई में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में विनिर्माण उत्पादन में मामूली 1.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
नई आईआईपी के संशोधित आधार वर्ष 2011-12 के मुताबिक फैक्टरी उत्पादन जून के दौरान विनिर्माण में गिरावट के कारण (-)0.1 फीसदी पर रही, जबकि इस साल मई में बढ़कर यह 2.80 फीसदी पर आ गई थी।
अप्रैल-अगस्त 2017 की अवधि के दौरान संचयी वृद्धि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में बहुत कम 2.2 प्रतिशत थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) के आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त में हुई बढ़ोतरी में मुख्य रूप से बिजली में बढ़ोतरी का ज्यादा योगदान है जो पिछले साल के समान माह की तुलना में बढ़कर 8.3 फीसदी रही।
विनिर्माण उत्पादन अगस्त में बढ़कर 4.3 फीसदी रही, जबकि पिछले साल के अगस्त में यह 5.5 फीसदी थी। इसका औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में सबसे अधिक भार है। समीक्षाधीन माह में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 9.4 फीसदी रही, जबकि पिछले साल अगस्त में यह ऋणात्मक 4.3 फीसदी थी।
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