महिलाओं को सशक्‍त बनाने और विधवा विवाह को बढ़ावा देने के लिए मध्‍यप्रदेश सरकार की ओर से एक अनोखा कदम उठाया जा रहा है। राज्‍य सरकार एक योजना की शुरुआत करने जा रही है, जिसके अंतर्गत विधवा से विवाह करने वाले व्‍यक्ति को सरकार की ओर से 2 लाख रुपए दिए जाएंगे। अगर यह प्रस्‍ताव पारित होता है तो इस प्रकार की योजना शुरु करने वालों में से मध्‍यप्रदेश पहला राज्‍य होगा। इस योजना से जुड़ी और कई बाते जानने के लिए आपको आगे की स्‍लाइड देखनी होगी।

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फायनेंस विभाग को भेजा जाएगा प्रस्‍ताव

विधवा विवाह से संबंधित यह प्रस्‍ताव जल्‍द ही वित्‍त विभाग को भेजे जाने का कार्य किया जा रहा है। आपको बता दें कि इस योजना के तहत विधवा महिला की उम्र 45 वर्ष से कम होगी तो ही इसका लाभ मिल सकेगा।

यह है लक्ष्‍य

इस योजना के तहत यह लक्ष्‍य रखा गया है कि हर साल 1000 विधवा महिलाओं का विवाह किया जाएगा। अगर यह योजना बेहतर ढ़ंग से काम करती है तो सचमुच में विधवा महिलाओं की जिंदगी में रोशनी से भरा एक नया सवेरा आएगा।

ऐसे मिली प्रेरणा

1 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से एक ऐसी पॉलिसी तैयार करने का कहा था जो विधवा विवाह को बढ़ावा देने में कारगर साबित हो। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश ने मध्‍यप्रदेश सरकार को प्रेरित किया और सरकार ने इसे बढ़वा देने के लिए मौद्रिक रुप से प्रोत्‍साहन देने का निर्णय लिया। इस योजना को शुरु करने के लिए मध्‍य प्रदेश सरकार ने 20 करोड़ रुपए का व्‍यय भी है।

कुछ आवश्‍यक तथ्‍य

इस योजना के तहत यदि कोई विधवा महिला से शादी करने का इच्‍छुक है, तो महिला की उम्र 18 से 45 साल के बीच होनी चाहिए। तभी होने वाले दंपत्ति को इस योजना के तहत 2 लाख रुपए मिल सकेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि इस योजना से जुड़ा प्रस्‍ताव कैबिनेट बैठक के पहले वित्‍त विभाग के पास होगा। साथ ही यह भी उम्‍मीद लगाई जा रही है कि प्रस्‍ताव 3 महीने के अंदर प्रभावी हो जाएगा।

इन नियमों का करना होगा पालन

इस योजना का कोई दुरुपयोग न कर सके इसे ध्‍यान में रखते हुए विभाग ने कई शर्तें लागू की हैं।

  • पहली शर्त यह कि जो पुरुष विधवा महिला से शादी का इच्‍छुक है और इस योजना का लाभ लेना चाहता है शादीशुदा न हो। 
  • ये उसकी पहली शादी होनी चाहिए। 
  • तो वहीं दूसरी शर्त के मुताबिक कलेक्‍टर कार्यालय में शादी का रिजस्‍ट्रेशन होना अनिवार्य होगा। 
  • इस रजिस्‍ट्रेशन के साथ ही योजना का लाभ मिलेगा। 
  • ग्राम पंचायत या फिर अन्‍य किसी लोकल विभाग से जारी शादी का प्रमाण पत्र मान्‍य नहीं होगा।
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