केंद्र में सत्ताधारी नरेंद्र मोदी सरकार की स्वच्छ भारत, जीएसटी और नोटबंदी जैसी पहलों का वांछित प्रभाव पड़ा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को बर्कले इंडिया कान्फ्रेंस को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए यह बात कही। जेटली ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी जैसे कदमों ने अर्थव्यवस्था में कर अनुपालन बढ़ाने और नकदी को कम करने में भूमिका निभाई है। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य स्तर पर सरकार द्वारा किए गए सुधारों को जनता का समर्थन मिला है।

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जेटली को उम्मीद

समाचार पोर्टल आजतक ने एक न्यूज एजेंसी के जरिए खबर प्रकाशित करते हुए वित्तमंत्री जेटली ने कहा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि भारत एक बार फिर अपनी वृद्धि दर हासिल कर लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेगा। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि न केवल हमें बड़ी आबादी की जरूरतों को पूरा करना है, बल्कि एक बड़ी युवा आबादी की जरूरतों को भी पूरा करना है'।

IMF की बैठक में हिस्सा लेंगे

केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली सोमवार को एक सप्ताह की अमेरिका यात्रा पर पहुंचेंगे। वह न्यूयॉर्क और बोस्टन में अमेरिकी कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों के साथ परिचर्चा करेंगे और वाशिंगटन डीसी में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष IMF और विश्व बैंक की सालाना बैठक में हिस्सा लेंगे।

युवाओं पर नजरिया

अरुण जेटली ने कहा कि युवा आबादी के साथ यह अवधारणा भी बन रही है कि उनकी जरूरतों को पूरा नहीं किया जा पा रहा। इसके साथ ही यह बात भी है कि वे अब अधिक से अधिक आकांक्षी हो रहे हैं।

चुनौती

जेटली ने कहा, ‘इसलिए हमारे पास इसके लिए अधिक समय नहीं है'। वित्तमंत्री ने कहा कि यदि अगले एक-दो दशक में भारत को उच्च आर्थिक समूह वाले देशों में शामिल होने की चुनौती पूरी करनी है, तो हमें अधिक तेज रफ्तार से बढ़ना होगा। जेटली ने सवाल के जवाब में इस धारणा को खारिज कर दिया कि स्वच्छ भारत, जीएसटी और नोटबंदी जैसी बदलाव वाली पहलों के जमीनी स्तर पर नतीजे नहीं मिले हैं।