देश के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर अगस्त महीने में लगभग दोगुनी होकर 3.24 फीसदी रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में थोक महंगाई दर 1.88 फीसदी रही थी जबकि अगस्त 2016 में यह दर 1.09 फीसदी थी।
मंत्रालय के मुताबिक, "अगस्त 2017 की थोक महंगाई दर 3.24% रही है, जबकि जुलाई में यह 1.88% थी और अगस्त 2016 में 1.09% थी। इस वित्त वर्ष की बिल्ट इन महंगाई दर 1.41% रही है जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 3.25% थी।"
खाद्य महंगाई दर बढ़कर 5.75% रही जबकि जुलाई 2017 में यह 2.15% थी। वार्षिक आधार पर प्याज की कीमतें बढ़कर 88.46% रही जबकि आलू की कीमत नकारात्मक 43.82% रही है। अगस्त में सब्जियों की कीमतें बढ़कर 44.91% रही है जबकि अगस्त 2016 में यह नकारात्मक 7.75% थी।
वार्षिक आधार पर गेंहू सस्ता हो गया है। इसकी दर नकारात्मक 1.44% रही है जबकि प्रोटीन आधारित खाद्य सामग्रियां अंडे, मांस और मछली मंहगी हो गई हैं। यह बढ़कर 3.93% हो गई हैं। ईंधन और बिजली की कीमत भी बढ़कर 9.99% हो गई है।
बढ़ती महंगाई का असर तेल की कीमतों पर लगातार देखा जा रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें या तो स्थिर हैं या फिर बहुत धीमी गति से बढ़ रही हैं उसके मुकाबले देश में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। तेल की कीमतों 63 रुपए से बढ़कर 80 रुपए तक पहुंच चुकी हैं। गोवा को छोड़कर देश के लगभग सभी हिस्सों में तेल की कीमतें 70 रुपए को पार कर गई हैं।
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