डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और भारत को कैशलेस मुक्‍त बनाने के लिए मोदी सरकार नित नए कार्य करने को अग्रसर हो रही है। डिजिटल कार्य को आगे बढ़ाते हुए सरकार एक और नया कदम उठाने जा रही है जिसके अंतर्गत अब सरकारी सेवाओं के लिए डिजिटल पेमेंट को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जिसके बाद सभी सरकारी कार्यों जैसे कि रेलवे और सरकारी परिवहन सहित अन्‍य जगहों पर भी डिजिटल भुगतान किया जा सकेगा।

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डिजिटल पेमेंट्स करने वालों को मिलेगा इंसेंटिव्‍स

इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिर्पोट के अनुसार BHIM और भारत QR कोड जैसे पेमेंट के सरकारी उपायों के साथ इन सरकारी एजेंसियों के ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के ज्‍यादा इंटीग्रेशन की योजना भी बनाई जा रही है। सरकार कैश के बजाए डिजिटल पेमेंट्स करने वाले लोगों को इंसेटिव्‍स देने के बारे में सोच रही है।

गांधी जयंती पर शुरु हो सकता है बड़ा अभियान

एक रिर्पोट के अनुसार सरकार गांधी जयंती पर एक बड़ा अभियान शुरु कर सकती है, जिसे गणतंत्र दिवस तक चलाया जाएगा। 2 अक्‍टूबर को सरकार इनमें से कुछ योजनाओं का ऐलान कर सकती है। सरकार का मानना है कि देश में कुल ट्रांजेक्‍शन का बहुत बड़ा हिस्‍सा सरकारी भुगतानों का होता है अगर ये भुगतान डिजिटल तरीके से किए जाएं तो इलेक्‍ट्रॉनिक पेमेंट्स की संख्‍या में बड़ा उछाल आएगा।

इलेट्रॉनिक्‍स एवं आईटी डिपार्टमेंट को मिली है जिम्‍मेदारी

रिर्पोट के अनुसार डिजिटल पेमेंट से जुडे़ कार्य की जिम्‍मेदारी इलेट्रॉनिक्‍स एवं आईटी डिपार्टमेंट को मिली है। पिछले सप्‍ताह मंत्रालय की एक समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अधिकारियों को 2 अक्‍टूबर से कैंपेन शुरु करने का निर्देश दिया था।

बनेगी नई गाइडलाइन

नई गाइडलाइन के हिसाब से सभी टिकट और रिजर्वेशन काउंटरों को डिजिटल पेमेंट लेने लायक बनाने का निर्णय लिया गया है। तो वहीं भारत QR कोड देश में सभी 14 लाख काउंटरों पर दिखेगा। साथ ही टिकट काउंटरों पर आधे ट्रांजेक्‍शन को डिटिल मोड में लाने का लक्ष्‍य है। आपको बता दें कि भारतीय रेलवे हर साल 52000 करोड़ रुपए के टिकट बेचता है और इसका 60% हिस्‍सा ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल के जरिए आता है।

पासपोर्ट ऑफिस में भी शुरु हो सकता है कार्य

रेलवे के टिकट सेंटरों, पासपोर्ट ऑफिसों, बस और मेट्रो टिकट काउंटरों को भारत क्‍यूआर के जरिए पेमेंट्स लेने को कहा जा सकता है। बिजली और पानी के बिल पर एक प्रमुख विकल्‍प के रुप में भारत भारत क्‍यूआर कोड छापा जा सकता है। तो वहीं सड़क परिवहन निगमों को डिजिटल पेमेंट्स लेने की सलाह दी जाएगी।