200 रुपए के नोट को लेकर हर रोज नई खबरें आ रही हैं, अब ये कहा जा रहा है कि 200 रुपए का नोट इसी माह अगस्त में कभी भी जारी किया जा सकता है। वहीं अब पुष्ट सूत्रों से ये खबर मिल रही है कि 200 रुपए का नोट सितंबर माह की शुरुआत में जारी किया जा सकता है। नए नोट को लेकर सरकार ने भी सभी तरह के भ्रम दूर कर दिए हैं और स्पष्ट कर दिया है कि 200 रुपए के नोट जल्द जारी किए जाएंगे। वहीं RBI ने सरकार को 200 रुपए के नोट जारी करने को लेकर कुछ सलाह दिए हैं।
RBI का कहना है कि सरकार को 200 रुपए का नोट जारी करते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए साथ ही 200 रुपए के नोट को ATM के जरिए ना जारी किया जाए। RBI ने इसके पीछे तर्क दिया है कि 200 रुपए के नोट यदि ATM के जरिए जारी किए जाएंगे तो फिर से देश भर के एटीएम को कैलिबरेट करना होगा जिससे लोगों को परेशानी होगी। आपको बता दें कि नोटबंदी के दौरान 2000 और 500 रुपए के नए डिजायन के नोटों के लिए एटीएम को री-कैलिबरेट किया गया था जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। आरबीआई की सलाह है कि 200 रुपए के नोट बैंक द्वारा जारी किए जाएं और धीरे-धीरे एटीएम को कैलिबरेट किया जाए।
यह सुनने में आ रहा है कि आरबीआई के मैसूर प्रेस में 200 रुपए के नोटों की छपाई शुरू भी हो चुकी है। सूत्रों की माने तों एक अरब रुपए मूल्य के 200 रुपए के नोट बाजार में आने की उम्मीद है।
नवबंर 2016 में नोटबंदी की घोषणा के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये का नोट बाजार में उतारा था। लेकिन अब RBI ने दो हजार रुपए के नोटों की छपाई बंद कर दी है। रिजर्व बैंक का ध्यान अब बाजार में छोटे नोटों की अपूर्ति करने पर है।
जानकारों के मुताबिक नोट का डिजाइन 2000 रुपए और 500 रुपए के नए नोटों से मिलता-जुलता हो सकता है। साथ ही नोट पर स्वच्छ भारत अभियान का लोगो 2000 और 500 रुपए के नोटों के जैसा ही हो सकता है। 2000 रुपए का नोट जहां गुलाबी रंग में है वहीं 500 रुपए का नोट स्टोन ग्रेन कलर में है। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि 200 रुपए के नोट का रंग पुरान 100, 50 और 20 रुपए के नोट से अलग हो सकता है।
खबरों के मुताबिक आरबीआई ने पांच महीने पहले ही 2000 रुपए के नोट की छपाई बंद कर दी थी। 200 रुपए का वास्तविक नोट की डिजाइन की जानकारी अब तक आरबीआई ने साझा नहीं की है इसलिए इसकी डिजाइन को लेकर सिर्फ अनुमान ही लगाया जा सकता है।
आपको बता दें कि ब्रिटेन में 50 पाउंड का नोट सबसे बड़ी करेंसी है। जबकि अमेरिका में 100 डॉलर का नोट सबसे बड़ी करेंसी है। साथ ही इन देशों में डिजिटल क्रांति के कारण कैशलेस बाजार का चलन बहुत ज्यादा है। सरकार की मंशा है कि यूरोप और अमेरिका के तर्ज पर भारत में भी छोटे नोटों की करेंसी को ही रखा जाए और देश को कैशलेस इंडिया की तरफ बढ़ाया जाए।
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