किम जोंग उन दुनिया के उन चुनिंदा लोगों में से एक है जिसे अमेरिका से सबसे ज्यादा चिढ़ है और आए दिन ये उत्तर कोरियाई तानाशाह अमेरिका पर परमाणु हमले की धमकी देता रहता है। इन दिनों दोनों देशों के बीच विवाद काफी आगे बढ़ गया है। इस विवाद और धमकियों ने दुनिया भर के बाजार को हिला कर रख दिया है। उत्तर कोरिया और अमेरिका की टेंशन से दुनिया में सोने (GOLD) का भाव दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है। वहीं निवेशक युद्ध के डर से शेयर बाजार से अपना पैसा भी वापस खींच रहे हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो 33 साल के एक सनकी नौजवान ने दुनिया भर के बाजार को डरा दिया है। आइए जानते हैं उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के बारे में जिसकी वजह से दुनिया भर के बाजार डरे हुए हैं।
किम जोंग उन की पहचान एक सनकी तानाशाह, जिद्दी नौजवान के रूप में की जाती है। किम ने चीन की यात्रा के दौरान अमेरिका पर परमाणु हमले की धमकी तक दे डाली थी जिसके बाद एक अमेरिकी सीनेटर ने किम को 'क्रेजी फैट मैन' कहा था वहीं वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति किम को 'ए टोटल नट जॉब' का दर्जा दे चुके हैं।
सब जिससे नफरत करते हैं वो है नॉर्थ कोरिया का 33 साल का तानाशाह लीडर किम जोंग-उन, जिसकी ताकत का कई सालों तक लोगों को अंदाजा नहीं था। किम अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं लेकिन फिर भी अपने भाइयों से आगे निकालकर अपने पिता किम जोंग ईल की गद्दी संभाली।
पुरानी बाधाओं को पार करते हुये, मिस्टर किम अब अपने अलग-थलक और गरीबी की कगार पर खड़े देश को अमेरिका पर मिसाइल से हमला करने के तैयार कर रहा है - जिसे ना केवल ट्रम्प के प्रशासन ने खारिज किया है बल्कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध और बीजिंग के साथ पारंपरिक सहयोग पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।
उसके उद्देश्य उसकी ज़िंदगी की तरह ही अनिश्चित से हैं। सत्ता संभालने के बाद से अभी तक किम ने ना तो बाहर की यात्रा की है और ना ही राज्यप्रमुख को बुलाया है। नॉर्थ कोरिया से बाहर कुछ ही लोगों को उससे मिलने की इजाजत है।
यह एक ऐसा विषय है जिस पर किम ने कभी हिचकिचाहट नहीं की। इस क्षेत्र में किम ने हमेशा आक्रामक नज़रिया ही रखा है। नॉर्थ कोरिया के 5 में से 3 परमाणु परीक्षण इनकी देखरेख में ही हुये हैं और एक और परीक्षण के संकेत नज़र आ रहे हैं। उनकी देख रेख में उत्तरी कोरिया ने 80 मिसाइलों का परीक्षण भी किया है।
किम पहली बार सितंबर 2010 में नॉर्थ कोरियन स्टेट मीडिया के सामने आए, अपने पिता से सत्ता हासिल करने के लगभग एक साल पहले। सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ने उन्हें सेंट्रल मिलिट्री कमीशन का वाइस चेयरममैन चुना था।
नॉर्थ कोरिया स्टेट मीडिया मिस्टर किम के बचपन को मिथक से भरा, एक अच्छा निशानेबाज और एक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व और तेज कार चलाने का शौकीन बताता है। ऐसा कहा जाता है कि उन्होने 16 साल की उम्र में कोरियन वार के दौरान अपने दादा की लीडरशिप पर विस्तृत रिसर्च पेपर लिखा था।
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