सिंगापुर में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को यहां 40 लाख सिंगापुरियन डॉलर (29 लाख डॉलर) का मुआवजा दिया गया है। यह मुआवजा उसे इसलिए दिया गया, क्योंकि उसके पिछले नियोक्ता द्वारा दिए गए तीखे रेफरेंस लेटर के कारण उसे अच्छी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था। द स्ट्रेट टाइम्स की मंगलवार की रिर्पाट के अनुसार, रमेश कृष्णन ने एएक्सए लाइफ इंश्योरेंस सिंगापुर पर साल 2012 में उनके काम के प्रदर्शन के बारे में गलत संदर्भ मुहैया करा कर मानहानि करने का आरोप लगाया था।
न्यायमूर्ति जार्ज वेई की अदालत में कृष्णन ने 6.3 करोड़ सिंगापुरियन डॉलर हर्जाने की मांग की थी, जबकि एएक्सए महज एक सिंगापुरियन डॉलर का मुआवजा देने के लिए तैयार था।
रपट में कहा गया है कि हालांकि कृष्णन 2015 में यह मानहानि का मुकदमा हार चुके थे, लेकिन अपीली अदालत में उन्होंने दोबारा वाद दायर किया था, जिसने पहले के फैसले को उलट दिया।
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि एएक्सए सिंगापुर ने कृष्णन को सीधे तौर पर नियुक्त नहीं किया था। इसके बावजूद कंपनी ने कृष्णन का रेफरेंस लेटर जारी किया और उस पर कंपनी छोड़ते समय रुकने का दवाब बनाया था।
कृष्णन ने अदालत के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "लोगों को यह पता होना चाहिए कि न्याय मिलता है। इसलिए लोगों को न्याय प्राप्त करने के लिए आगे आना चाहिए।"
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