भारतीय मूल के एक अमेरिकी सांसद के अनुसार वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के मामले में बराक ओबामा की नीति को ही आगे बढ़ाया है। ट्रंप की विदेश नीति के मुखर आलोचक और डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध के लिए समर्थन वहां पार्टियों के मतभेद से ऊपर उठ चुका है।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इनकी भारत नीति उन्हीं सब को जारी रखना है जो राष्ट्रपति बराक ओबामा ने किया था और उनके पहले राष्ट्रपति बुश ने किया था। भारत-अमेरिका संबंधों को सतत जारी रखने को अच्छा संकेत बताते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका का वर्तमान प्रशासन एशिया में चीन के प्रभाव को कम करने के लिए भारत को महत्वपूर्ण भागीदार मानता है।
कृष्णमूर्ति ने कहा, हम यहां अमेरिका और अमेरिकी संसद में यही कर सकते हैं कि एशिया का स्थायित्व और आर्थिक समृद्धि वाला स्थान बने रहना सुनिश्चित हो। हमें यह करना होगा। उन्होंने पीटीआई भाषा से कहा, भारत-अमेरिका संबंध एक विशिष्ट भागीदारी है और इसीलिये हमें वह सब करना होगा जिससे इस भागीदारी को हम विस्तृत कर सकें तथा यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद बना रहे। मुझे निजी तौर पर यकीन है कि यह होता रहेगा।
कृष्णमूर्ति अभी ही भारत दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करके लौटे हैं। इस बारे में उन्होंने कहा, यह एक औपचारिक मुलाकात थी और हमने कई मुद्दों पर बातें की। मैंने उन्हें बताया कि हमारे संबंध विस्तृत हो रहे हैं और कई क्षेत्रों में संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं। जैसे भारत अमेरिकी निवेश आकर्षित करने को प्रयासरत है उसी तरह अमेरिका भी भारतीय निवेश आकर्षित करना चाहता है। उन्होंने देश में हाल ही में लागू हुए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की सराहना करते हुए इसे अमेरिकी कंपनियों के लिए अच्छा बताया।
आपको बता दें कि कृष्णमूर्ति ने इसी साल अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्ज की सदस्यता ली है। वह शिकागो डिस्ट्रिक्ट के प्रतिनिधि हैं।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान