मृतक की पहचान की धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार ने मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए विभिन्न दस्तावेजों की जगह पर मृतक का आधार संख्या देना अनिवार्य कर दिया है। आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।
गृह मंत्रालय के अंतर्गत रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने राज्यों को यह निर्देश जारी किया है कि पंजीयक अधिकारियों द्वारा इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। बयान में कहा गया है, "आवेदक द्वारा मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आधार संख्या के इस्तेमाल से मृतक के रिश्तेदारों, आश्रितों, परिचितों द्वारा दिए गए विवरण की सटीकता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।"
बयान में कहा गया है, "इससे मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए विभिन्न दस्तावेजों की जरूरत खत्म हो जाएगी।" बयान में यह भी कहा गया है कि अगर आवेदक को मृतक की आधार संख्या या एनरोलमेंट नंबर की जानकारी नहीं है तो उसे प्रमाणपत्र जमा करना होगा कि मृतक के पास आधार संख्या नहीं है।
सरकार ने इससे पहले आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार को अनिवार्य बना दिया है। साथ ही पैन कार्ड से भी आधार को जोड़ना अनिवार्य है, ताकि विभिन्न पैन कार्ड के माध्यम से होनेवाली कर चोरी रोकी जा सके। सरकार इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस पाने, गाड़ी का पंजीकरण कराने के लिए आधार अनिवार्य बनाने पर जोर दे रही है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान