वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे को कम करने के लिए चीन की मदद मांगी। शंघाई में 7वें ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर चीन के वाणिज्य मंत्री झोंग शान से सीतारमण ने कहा कि चीन को भारतीय आईटी, फर्मास्यूटिकल व कृषि उत्पादों के लिए अपना बाजार खोलना चाहिए।

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यह बैठक मई 2017 में हनोई में हुई क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी की मंत्री स्तर की वार्ता के बाद हुई है। मंत्रियों ने दोनों तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक दूसरे का पूरक बनने की क्षमता को रेखांकित किया और दोनों देशों के लाभ के लिए सहयोग को पूरी क्षमता के साथ बढ़ाने पर सहमत हुए।

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उन्होंने भारत और चीन के बीच मजबूत, संतुलित व स्थायी व्यापार व निवेश साझेदारी पर विचार-विमर्श किया। मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच सहयोग को बहुपक्षीय व बहुआयामी ढांचों जैसे डब्ल्यूटीओ, ब्रिक्स व एससीओ के जरिए आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इतना ही नहीं सीतारमण ने 11वें संयुक्त आर्थिक समूह (जेईजी) सम्मेलन में शिरकत करने के लिए झोंग शान को एक बार फिर भारत आने के लिए आमंत्रित किया।