देश भर में सस्ती उड़ान देने वाली विमान कंपनी इंडिगो के मुनाफे में 37% की वृद्धि दर्ज की गई है। सस्ती विमानन सेवा इंडिगो का वित्तवर्ष 2017-18 में 30 जून को खत्म हुई पहली तिमाही के लिए कुल मुनाफा 37 प्रतिशत बढ़ गया। विमानन सेवा के अनुसार, समीक्षाधीन पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 811.14 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्तवर्ष की समानावधि में यह 591.77 करोड़ रुपये था।

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कम लागत वाहक (एलसीसी) का समीक्षाधीन तिमाही के लिए कुल राजस्व 25.6 प्रतिशत बढ़कर 5,955.54 करोड़ रुपये हो गया। जबकि पिछले वित्तवर्ष की समानावधि में यह 4,741.45 करोड़ रुपये था। इंडिगो के अध्यक्ष एवं पूर्णकालिक निदेशक आदित्य घोष के हवाले से एक बयान में कहा गया, "हम इस रिपोर्ट से बहुत खुश हैं कि कर के बाद इस तिमाही का मुनाफा हमारा अब तक का सबसे बड़ा फायदा है। इसी तरह इस समय हम तिमाही के लिए एक बार प्रदर्शन में पहले नंबर पर हैं।"

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उन्होंने कहा, "यह मजबूत वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन हमें हमारे नेटवर्क के विकास पर इसी तरह ध्यान केंद्रित करने का अवसर देता है।" कम लागत वाले यात्री विमान का कुल खर्च 30 जून, 2017 को खत्म हुई तिमाही में समानावधि के खर्च से 20.9 प्रतिशत से बढ़कर 4,831.21 करोड़ रुपये हो गया।

एयरलाइन ने कहा कि 30 जून 2017 तक उनके पास 10,184.7 करोड़ रुपये का नकदी शेष था, जिसमें 5,188.8 करोड़ की व्यापार करने की नकदी और 4,995.9 करोड़ रुपये की सीमित नगदी थी। जून, 2017 के आंकड़ों के अनुसार, 40 प्रतिशत बाजार के साथ इंडिगो भारत की सबसे बड़ी विमानन सेवा है। 30 जून 2017 तक इसके 135 एयरबस में 320 वायुयान हैं।

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तिमाही के दौरान विमानन सेवा की रोजाना 937 उड़ानें संचालित हुईं। इस दौरान यह 39 घरेलू एवं सात अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों पर गई।