केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार का तीसरे साल का कार्यकाल चल रहा है। ऐसे में कई बार सरकार की ओर से यह दावा किया गया कि विदेशों में भारत की इमेज अच्छी बन रही है। उसी दावे को लेकर यहां पर मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल में विदेशी पूंजी भंडार की पांच प्रमुख बातों पर ध्‍यान देंगे।

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  • निवेशकों का देश का विदेशी पूंजी भंडार 28 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 227.21 करोड़ डॉलर बढ़कर 391.33 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 25,174.1 अरब रुपये के बराबर है।
  • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, विदेशी पूंजी भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा भंडार आलोच्य सप्ताह में 224.02 करोड़ डॉलर बढ़कर 367,15 अरब डॉलर हो गया, जो 23,610.2 अरब रुपये के बराबर है।
  • बैंक के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर में व्यक्त किया जाता है और इस पर भंडार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिग, येन जैसी अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है। आलोच्य अवधि में देश का स्वर्ण भंडार 20.34 अरब डॉलर रहा, जो 1,317.4 अरब रुपये के बराबर है।
  • इस दौरान देश के विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) का मूल्य 18 लाख डॉलर बढ़कर 1.47 अरब डॉलर हो गया, जो 95.4 अरब रुपये के बराबर है।
  • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में देश के मौजूदा भंडार का मूल्य पांच लाख डॉलर बढ़कर 1.49 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 95.9 अरब रुपये के बराबर है।