वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को संसद में एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार देश का वित्त वर्ष अप्रैल-मार्च की जगह जनवरी-दिसंबर करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, वित्त वर्ष का समय बदलने के मामले पर सरकार विचार कर रही है।

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उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से बनाई गई एक कमिटी इस मामले पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इस कमिटी का चेयरमैन पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार शंकर आचार्य को बनाया गया है। रिपोर्ट सरकार को मिल गई है। हालांकि वित्त मंत्री ने इस विषय पर कुछ भी नहीं कहा कि बजट पेश करने के समय में भी कुछ बदलाव किया गया है या नहीं। बता दें कि इस साल सरकार ने बजट पेश करने के लिए फरवरी की तारीख तय की थी।

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बता दें कि पिछले दिनों इस तरह की चर्चा शुरू हुई थी कि देश के इकॉनमिक सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार वित्तीय वर्ष को जनवरी से दिसंबर कर सकती है। इसके चलते आगामी आम बजट नवंबर 2018 में पेश किया जा सकता है। गौरतलब है कि पिछले 150 साल से देश का वित्त वर्ष अप्रैल से मार्च ही माना जाता है। यदि इसमें बदलाव होता है तो यह 150 साल पुरानी परंपरा का खात्मा होगा। सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी की ओर से बदलाव की वकालत किए जाने के बाद सरकार फाइनैंशल इयर में बदलाव के लिए काम कर रही है और इसे कैलेंडर इयर की तर्ज पर ही रखा जाएगा।

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