ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपने प्रतिस्पर्धी कंपनी स्नैपडील को खरीदने के लिए रिवाइज्ड ऑफर भेजा है। फ्लिपकार्ट ने 90 से 95 करोड़ डॉलर की बोली लगाई है। इससे पहले भेजे गए टेकओवर ऑफर में 80 ये 85 करोड़ डॉलर की बोली लगाई थी।
बैंग्लोर की इस कंपनी ने यह नया ऑफर स्नैपडील के ऑनलाइन मार्केटप्लेस और यूनिकॉमर्स का अधिग्रहण करने के लिए दिया है। 2015 में स्नैपडील ने यूनीकॉमर्स का अधिग्रहण किया था, जो कि एक ई-कॉमर्स मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर और फुलफिलमेंट सॉल्यूशन प्रोवाइडर है। स्नैपडील का बोर्ड अब इस ऑफर पर विचार करेगा और ऐसी संभावना है कि इस बार इसे स्वीकार कर लिया जाएगा।
स्नैपडील का बोर्ड फ्लिपकार्ट के इस नए ऑफर को स्वीकार करता है तो फिर दानों पार्टियां सेल एंड पर्चेज एग्रीमेंट पर बातचीत शुरू करेंगी। फ्लिपकार्ट और स्नैपडील दोनों ने ही इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। स्नैपडील एक अलग सौदे में अपनी मोबाइल पेमेंट यूनिट फ्रीचार्ज और लॉजिस्टिक बिजनेस वल्कन एक्सप्रेस को भी बेचने के लिए बातचीत कर रही है, जिसके अगले कुछ सप्ताह पूरा होने की उम्मीद है।
फ्लिपकार्ट ने जो ऑफर दिया है, वह स्नैपडील और इसकी मार्केटप्लेस मैनेजमेंट यूनिट यूनिकॉमर्स के लिए है और इसमें वुलकैन और फ्रीचार्ज शामिल नहीं है। हो सकता है कि पिछला ऑफर टाइमलाइन को पूरा करने के लिए जल्दी में भेजा गया है।
ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि स्नैपडील को खरीदने की दौड़ में एक अन्य ई-कॉमर्स कंपनी एनफीबीम (NFIBEAM) भी शामिल है। स्नैपडील में सबसे बड़ी निवेशक सॉफ्टबैंक इस सौदेबाजी में पिछले कुछ महीने से सक्रियता से भूमिका निभा रही है। यदि स्नैपडील और फ्लिपकार्ट के बीच यह सौदा पूरा होता है तो यह भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण सौदा होगा।
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