केंद्र सरकार जीएसटी (GST) को लेकर बड़े असमंजस को दूर कर दिया है। सरकार ने प्रेस नोट जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कोई वस्तु जो कि शून्य जीएसटी की दर में वह पैकिंग के बाद भी 5 फीसदी जीएसटी के दायरे में तब तक नहीं आ सकती हैं जबतक की ब्रांड का नाम और ट्रेड मार्क रजिस्टर्ड ना हो।

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ऐसे समझें

मान लीजिए अभी आप खुला हुआ (अनपैक्ड) आटा खरीदते हैं लेकिन कुछ वक्त बाद कोई दुकानदार वही आटा पैकेट में बेचने लगे तो भी उस पर जीएसटी की दर 0 फीसदी ही रहेगी। क्योंकि केंद्र सरकार की दी गई अधिसूचना के अनुसार पैकेट पर दिया गया नाम और ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड नहीं है तो वह 0 फीसदी जीएसटी के ही दायरे में आएगा। आगे पढ़िए पूरी अधिसूचना

अनपैक्ड सामान पर 0% जीएसटी

उन विशेष वस्‍तुओं जैसे कि पनीर, प्राकृतिक शहद, गेहूं, चावल, एवं अन्‍य मोटे अनाजों, दालों की आपूर्ति पर केन्‍द्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) दर शून्‍य है जिन्‍हें यूनिट कंटेनर में नहीं डाला जाता है और जिसका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम नहीं है। वहीं, जब इस तरह की वस्‍तुओं को यूनिट कंटेनर में डाला दिया जाता है और उसका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम भी होता है तो उनकी आपूर्ति पर 2.5 फीसदी सीजीएसटी लगता है।

केंद्र सरकार की अधिसूचना

पंजीकृत ब्रांड नाम के अर्थ के मद्देनजर सवाल उठाये जा रहे हैं। इस संदर्भ में अधिसूचना संख्‍या 1/2017- केन्‍द्रीय दर, दिनांक 28 जून, 2017 (जो वस्‍तुओं की अंतर-राज्‍य आपूर्ति की सीजीएसटी दरों को अधिसूचित करती है) और अधिसूचना संख्‍या 2/2017- केन्‍द्रीय दर, दिनांक 28 जून, 2017 (जो विशिष्‍ट वस्‍तुओं की अंतर-राज्‍य आपूर्ति पर छूट प्रदान करती है) में साफ तौर पर ‘पंजीकृत ब्रांड नाम' को उस ब्रांड नाम अथवा कारोबार नाम के रूप में परिभाषित किया गया है जो ट्रेड मार्क अधिनियम, 1999 के तहत पंजीकृत है। इस संदर्भ में, ट्रेड मार्क अधिनियम की धारा 2 (टी) के साथ धारा 2 (डब्‍ल्‍यू) में कहा गया है कि पंजीकृत ट्रेड मार्क से आशय उस ट्रेड मार्क से है जो वास्‍तव में ट्रेड मार्क के रजिस्‍टर पर दर्ज है और अब भी मान्‍य है।

निष्कर्ष

अत: जब तक कि ब्रांड नाम अथवा कारोबार नाम वास्‍तव में ट्रेड मार्क के रजिस्‍टर पर दर्ज नहीं होगा और वह ट्रेड मार्क अधिनियम, 1999 के तहत मान्‍य नहीं होगा, तब तक इस तरह की वस्‍तुओं की आपूर्ति पर 5 फीसदी सीजीएसटी नहीं लगेगा।