भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 30 जून को समाप्त सप्ताह में 4.007 अरब डॉलर बढ़कर 386.53 अरब डॉलर की नई रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच गया। इससे पहले 23 जून को देश का विदेशी मुद्रा भंडार 57.64 करोड़ डॉलर बढ़कर 382.53 अरब डॉलर हो गया था। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि इस वृद्धि का कारण विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में बढ़ोतरी होना है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 30 जून को 3.724 अरब डॉलर बढ़कर 362.388 अरब डॉलर हो गई। अमेरिकी डॉलर में अभिव्यक्त किए जाने वाले एफसीए में मुद्रा भंडार में रखे यूरो, पौंड और जापानी येन जैसे गैर-अमेरिकी मुद्राओं की मूल्यवृद्धि के प्रभावों को शामिल किया जाता है।
स्वर्ण भंडार भी 25.28 करोड़ डॉलर बढ़कर 20.348 अरब डॉलर का हो गया। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में विशेष निकासी अधिकार भी 1.18 करोड़ डॉलर बढ़कर 1.479 अरब डॉलर हो गया। आईएमएफ में देश का मुद्रा भंडार भी 1.89 करोड़ डॉलर बढ़कर 2.322 अरब डॉलर हो गया।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान