भारत और अमेरिका ने साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। यह प्रतिबद्धता अमेरिका के दौरे पर आए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोमवार को हुई मुलाकात में दोहराई गई। यह दोनों नेताओं की पहली बैठक थी। ट्रंप के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद मोदी ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करना हमारे सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।" इसके अलावा पीएम मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कई महत्वपूर्ण संदेश भी दिए जिनके बारे में हम आपको आगे बता रहे हैं।
उन्होंने कहा, "हम आतंकवाद पर अपनी साझा चिंताओं के संदर्भ में आपसी सहयोग मजबूत करेंगे। खुफिया सूचनाएं साझा की जाएंगी और नीतिगत समन्वय भी किया जाएगा।" मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने कट्टरपंथ, चरमपंथ और आतंकवाद जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
मोदी का बयान अमेरिका द्वारा सोमवार को पाकिस्तान स्थित हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के कुछ घंटों बाद आया। उन्होंने कहा कि भारत, अफगानिस्तान में शांति को लेकर प्रतिबद्ध है और उसकी शीर्ष प्रतिबद्धता देश के पुनर्निर्माण की है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत और अमेरिका, अफगानिस्तान में शांति व स्थिरता लाने के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने समुद्री व्यापार तथा सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई है।
मोदी ने कहा कि भारत का हित मजबूत व सफल अमेरिका में और अमेरिका का हित अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत व विकसित भारत में निहित है। मोदी ने कहा कि उनकी ट्रंप से भारत-अमेरिका संबंध से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, "हम अपने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में अमेरिका को महत्वपूर्ण भागीदार मानते हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, वाणिज्य और निवेश सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा, "हम प्रौद्योगिकी, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में भी सहयोग की संभावनाएं देख रहे हैं।" मोदी ने ट्रंप और उनके परिवार को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
वहीं, ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका, दोनों आतंकवाद से प्रभावित हुए हैं और 'हम आतंकवादी संगठनों तथा उस कट्टरपंथी विचारधारा को नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो उन्हें बढ़ावा देते हैं।' उन्होंने कहा, "हमारी सेना सैन्य बलों के बीच सहयोग व समन्वय बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रही है। अगले महीने वे जापानी नौसेना के साथ हिंद महासागर में अब तक सबसे बड़ा सैन्याभ्यास करेंगे।"
अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि उनके मन में भारत की 'समृद्ध संस्कृति, विरासत और परंपरा' के प्रति गहरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि इस बार भारत अपनी आजादी की 70वीं वर्षगांठ मनाएगा और वह अमेरिका की तरफ से भारतीय लोगों को बधाई देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान मैंने कहा था कि अगर मैं निर्वाचित हुआ तो व्हाइट हाउस में भारत सच्चा मित्र होगा। और, अब वास्तव में यह आपके पास है.. एक सच्चा दोस्त।" ट्रंप ने कहा कि वह दोनों देशों में रोजगारों के सृजन, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के विकास तथा निष्पक्ष व परस्पर लाभकारी व्यापारिक संबंधों पर मोदी के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।
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