उत्तरप्रदेश और पंजाब की सरकार के बाद अब कर्नाटक सरकार ने भी राज्य के 22 लाख किसानों के सहकारी बैंकों से 50,000 रुपए तक के फसल ऋण को माफ करने का बुधवार को फैसला किया। मुख्मयंत्री सिद्धारमैया ने विधानसभा में कहा, "सहकारी बैंकों से 22,27,500 किसानों द्वारा लिए गए 50,000 रुपए तक के फसल ऋण को माफ कर दिया जाएगा।"

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सरकार का फैसला विपक्ष द्वारा किसानों की परेशानी दूर करने तथा साल 2016 के सूखे से राहत प्रदान करने को लेकर ऋण माफी की मांग के बाद आया है। किसानों की ऋण माफी से सरकारी खजाने पर 8,165 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा, "20 जून तक के बकाया फसल ऋण भी माफ कर दिए जाएंगे। किसान सहकारी बैंकों से अब तक 10,736 करोड़ रुपये ऋण ले चुके हैं।"

सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह किसानों द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से लिए गए कृषि ऋण को भी माफ करे।