बिना इंक्रीमेंट के ही आपकी सेलरी बढ़ जाएगी क्‍योंकि आपकी सैलरी से पीएफ यानी कि प्रोविडेंट फंड के लिए कुल 4 फीसदी कम पैसा कटेगा। तो वहीं एक बुरी खबर यह भी है कि इस फैसले की वजह से रिटायरमेंट के दौरान आपको कम पैसे मिलेंगे।

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कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन की होने वाली की बैठक में पीएफ में हिस्‍सा घटाने पर फैसला हो सकता है। PF में यह भागीदारी 12 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी की जा सकती है। अभी तक बेसिक सैलरी का 12 फीसदी कर्मचारी और 12 फीसदी कंपनी देती है। अगर ईपीएफओ की बैठक में प्रस्‍ताव हुआ तो पीएफ में कुल भागीदारी 4 फीसदी कम हा जाएगी।

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इस बैठक में निवेश को 15 प्रतिशत तक करने के प्रस्‍ताव पर भी विचार किया जाएगा। ईपीएफओ की वित्‍त निवेश और ऑडिट समिति अपनी बैठक में इक्विटी निवेश में निवेश को मौजूदा 10 प्रतिशत से 15 प्रतिशत करने के प्रस्‍ताव पर विचार करेगी। इस बैठक की समीक्षा श्रम मंत्री बंडारू दत्‍तात्रेय करेंगे।

इस तरह के फैसले से कर्मचारियों के पास खर्च के लिए अधिक राशि बचेगी और नियोक्‍ताओं की देनदारी कम होगी। जिससे इस प्रस्‍ताव को लेकर श्रमिक संगठन विरोध भी जता सकते हैं क्‍योंकि उनके अनुसार सामाजिक सुरक्षा योजनायें कमजोर पड़ जायेंगी।