आज के वक्त भले ही वक्त आपको पेट्रोल 70-79 रुपए प्रति लीटर मिल रहा हो लेकिन आने वाले 5 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। यही पेट्रोल आपको अगले 5 साल बाद 30 रुपए प्रति लीटर तक मिल सकता है। अगर आपको ये लग रहा है कि ये कोई बहकाने वाली खबर है तो आपको एक बार फिर ध्यान से पूरी खबर को पढ़ना होगा।
अमेरिका की एक फ्युचरिस्ट टोनी सेबा ने दावा किया है कि आने वाले वक्त में लोग पेट्रोल का प्रयोग कर करें जिससे उसके दाम में कमी आएगी। आपको बता दें कि टोनी सेबा ने इससे पहले सोलर पावर को लेकर भविष्यवाणी की थी जो कि धीरे-धीरे सच साबित हो रही है।
CNBC चैनल से हुई बातचीत के आधार पर समाचार पोर्टल नवभारत टाइम्स ने लिखा है कि, '2020-21 में ऑइल की डिमांड अपने पीक पर होगी। इसके बाद 10 सालों के भीतर तेल उत्पादन का आंकड़ा 100 मिलियन बैरल से 70 मिलियन बैरल तक पहुंच जाएगा। इसके चलते कच्चे तेल की कीमत तेजी से गिरते हुए 25 डॉलर प्रति बैरल तक आ जाएगी।' पोर्टल ने आगे लिखा है कि, टोनी ने कहा कि लोग पुराने स्टाइल की कारों का इस्तेमाल करना बंद नहीं करेंगे, लेकिन इकॉनमी में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। ये इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने में भी सस्ते होंगे और इन्हें चलाना भी आसान होगा। आइए जानते हैं कि दुनिया में तेल के प्रयोग को कम करने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा रहे हैं।
दुनिया में हर दिन नई तकनीक आ रही है, जिससे डीजल और पेट्रोल का प्रयोग कम किया जा सके। सबसे बड़ी तकनीक इलेक्ट्रिक कार की है। दुनिया भर में तेजी सी इलेक्ट्रिक कार की खपत बढ़ रही है। महानगरों में लोग इलेक्ट्रिक कार की तरफ आकर्षित हो रहे हैं और समान्य तौर पर घर से ऑफिस जाने के लिए इसी तरह की कार का प्रयोग करते हैं।
पेट्रोल डीजल बचाने के लिए लोग कारपूल का भी प्रयोग कर रहे हैं। इसमें एक ही दफ्तर में आने-जाने के लिए तीन-चार लोग एक ही कार में आते जाते हैं जिसमें 4 की जगह एक कार का ही तेल जलता है।
धीरे-धीरे समाज में पर्यावरण को लेकर जागरुकता आ रही है। लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग कर रहे हैं और कभी-कभार ही वह अपनी कार का प्रयोग करते हैं। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो ये काम जल्द शुरु कर दीजिए क्योंकि ये कदम हमारे भविष्य से जुड़ा हुआ है। सरकार भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और बेहतर कर रही है, जिसमें मेट्रो और ट्राम सेवाएं तेजी से शुरू की जा रही हैं।
इससे पहले सरकार ने भी इस बात की उम्मीद जताई है कि भारत में 2030 तक इलेक्ट्रिक कारों का प्रयोग बहुत ज्यादा हो जाएगा। ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने अनुमान लगाया है कि 2030 तक 95 फीसदी लोग इलेक्ट्रिक कार का प्रयोग करने लगेंगे। यानि कि देश में अगले 15 वर्षों में पेट्रोल डीजल के उपयोग में भारी कमी आएगी।
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