हाल ही में खबर आई थी कि चीन ने अपना पहला स्वदेशी यात्री विमान बना लिया है और अब वह उड़ान के लिए तैयार है। वहीं भारत भी इस रेस में पीछे नहीं है, भारत ने स्वदेश में निर्मित यात्री विमान सारस का निर्माण और परीक्षण कर लिया है और अब ये विमान उड़ान के लिए पूरी तरह से तैयार है।

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एक नया जीवन

सारस,भारत का पहला स्वदेशी निर्मित नागरिक विमान है जिसे नवजीवन मिला। इसके इंजन को दुबारा लगाकार और बाकी हिस्‍सों को मॉडीफाई किया गया और इस 14 सीटों वाले एयरक्राफ्ट को जून में पहले हफ्ते की उड़ान के लिए रेडी कर लिया गया।

सारी तैयारियां पूरी

क्षेत्रीय संपर्क नीति के तहत, सरकार की ओर से जोर देने के बाद, बेंगलुरु स्थित नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेटट्री (एनएएल) ने भारतीय वायुसेना के (आईएएफ) विमान और सिस्टम परीक्षण प्रतिष्ठान (एएसटीई) को परीक्षण उड़ानों के लिए विमान को सौंप दिया है।

बहुउद्देशीय क्षमताएं

सारस, बहु-भूमिका क्षमताओं जैसे- फीडर लाइन एयरक्रॉफ्ट, एयर एम्‍बुलेंस, एक्‍सक्‍यूटिव एयरक्रॉफ्ट, ट्रुप एयरक्रॉफ्ट, रिकॉन्‍नेस्‍सेनेस, एयरल सर्वे और लाइट कार्गो ट्रांसपोर्ट को भी बूस्‍ट करेगा।

विशेषज्ञों का नजरिया

एनएएल के निदेशक जितेंद्र जे जाधव ने बताया, "इंजन परीक्षण पहले ही शुरू हो चुके हैं। कम-गति वाली टैक्सी और हाई-स्पीड टैक्सी के परीक्षणों को इस महीने के अंत तक पूरा कर लेने की उम्मीद है। उसके बाद, एएसटीई पहले उड़ान सबसे पहले जून के पहले हफ्ते में उड़ान भरेगा। "