उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बैंकों और एटीएम में नकदी संकट की वजह से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नोटबंदी के छह महीने बाद भी नकदी संकट खत्म नहीं हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी सिर्फ 70 फीसदी नकदी की ही आपूर्ति हो पा रही है।
एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि कुछ बड़े शहरों को छोड़कर राज्य में नकदी संकट बना चिंताजनक है। छोटी कस्बों और गावों में नकदी संकट की समस्या और भी खराब है। यहां नोटबंदी के बाद भी एटीएम में नकदी नहीं है।
सिर्फ कानुपर के बैंकों में ही प्रतिदिन 400 करोड़ रुपये की नकदी की जरूरत पड़ती है लेकिन पिछले एक सप्ताह से सिर्फ 250-300 करोड़ रुपयों की ही आपूर्ति हो पा रही है। ग्रामीण बैंकों में 15 करोड़ रुपये की नकदी की जरूरत है जो अब घटकर 10 करोड़ रुपये हो गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की कानपुर शाखा राज्य के बैंकों और 250 करेंसी चेस्ट को नकदी उपलब्ध कराती है। अधिकारियों का कहना है कि अस्थाई दौर है, कुछ ही दिनों में स्थिति ठीक हो जाएगी।
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