आयकर विभाग ने 60,000 से ज्यादा लोगों को जांच के लिए चिन्हित किया है, जिसमें से 1,300 लोग हाई रिस्क श्रेणी में हैं। इन लोगों ने आठ नवंबर को की गई नोटबंदी के बाद भारी मात्रा में नकदी जमा करवाई थी। वित्त मंत्रालय ने यहां शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, "ऑपरेशन क्लीन मनी (ओसीएम) के तहत 60,000 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 1,300 हाई रिस्क वाले लोग हैं। इनकी जांच की जाएगी। उच्च मूल्य की संपत्तियों के खरीद के 6,000 लेनदेन और रकम बाहर भेजने के 6,600 मामलों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी।"
बयान में आगे कहा गया है, "जो लोग नोटिस का जबाव नहीं देंगे, उनकी विस्तृत जांच की जाएगी।" मंत्रालय के मुताबिक, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने नौ नवंबर, 2016 से इस साल 28 फरवरी के बीच कुल 9,334 करोड़ रुपये की अघोषित रकम का खुलासा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काले धन पर लगाम लगाने और फर्जी मुद्रा का प्रचलन रोकने के लिए आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी, जिसके तहत 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोट चलन से बाहर कर दिए गए थे।
ऑपरेशन क्लीन मनी का पहला चरण इस साल 31 जनवरी को लांच किया गया था। आयकर विभाग ने कुल 17.92 लाख लोगों को जांच के लिए ऑनलाइन सवाल भेजे थे, जिसका 9.46 लाख लोगों ने जबाव दाखिल किया था।
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