नई दिल्ली। 2 अप्रैल 2017 को दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहने वाले वेद मिश्रा पास के ही एक SBI एटीएम से कुछ पैसे निकालने जाते हैं। इसके दो दिन पर उनके मोबाइल पर एक मैसेज आता है कि पंचकुल के किसी एटीएम से उनके खाते के 17,500 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं। वेद मिश्रा हैरान रह जाते हैं कि आखिर तमाम सुरक्षा के बाद भी उनके एटीएम से किसी और ने कैसे पैसे निकाल लिए। पर ये हैरानी यहीं नहीं खत्म होती है, इसके आगे का वाकया आपको और भी हैरान कर देगा।

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एक ही ATM से चल रहा था फ्रॉड का खेल

वेद मुखर्जी नगर के थाने में एफआईआर कराने के लिए पहुंचते हैं तो वहां ये जानकर दंग रह जाते हैं कि अकेले वो ही नहीं बल्कि ऐसे करीब 15-20 लोग हैं जो एटीएम क्लोनिंक का शिकार हो चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि एटीएम क्लोनिंग के शिकार सभी व्यक्तियों ने एसबीआई के उसी एटीएम से पैसे निकाले थे जिसे वेद मिश्रा ने 2 अप्रैल को पैसे निकाले थे।

मदद करने में आना-कानी कर रही है पुलिस

इस पूरे मामले में Hindi.goodreturns.in की टीम ने वेद मिश्रा का पूरा पक्ष जाना। वेद ने हमें पूरी घटना बताई साथ ही यह भी बताया कि इस मामले में पुलिस सहयोग करने में आना-कानी कर रही है। हालांकि वेद मिश्रा ने ये भी बताया कि मुखर्जी नगर थाने के एएसआई सुरेंद्र सिंह जांच में पूरा सहयोग करने की बात कह रहे हैं।

अब तक कई लोगों की लाखों की कमाई हुई गायब!

बात-चीत में वेद मिश्रा ने बताया कि, ये बहुत बड़ा फ्रॉड है। उन्होंने बताया कि उनके कम ही पैसे निकले हैं और समय रहते उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी मगर तमाम लोग ऐसे भी हैं जिन्हें घटना के तीन दिन बद पैसे निकलने की बात का पता चला। वेद ने बताया कि एटीएम क्लोनिंग के चलते एक महिला के 1 लाख 20 हजार रुपए निकाल लिए गए, दो लड़कों से 50 व 60 हजार रुपए एटीएम क्लोनिंग के जरिए निकाल लिए गए, वहीं एक बुजुर्ग के 80 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं।

ऐसे कैसे डिजिटल बनेगा इंडिया?

वेद ने पीएमओ, फाइनेंस मिनिस्ट्री और एसबीआई की चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्या तक अपनी बात पहुंचा दी है। हालांकि अभीतक उन्हें कहीं से कोई जवाब नहीं मिला है। वेद ने आगे ये भी कहा कि इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया और न्यू इंडिया मुहिम में बहुत बड़ी रुकावट हैं।

क्या होती है एटीएम क्लोनिंग

एडवांस होती दुनिया में चोर भी अब हाइटेक हो चुके हैं। वो अब आपके घर जाकर नहीं चोरी करते बल्कि अपने घर बैठे-बैठे ही आपकी सारी कमाई को चुटकियों में उड़ा देते हैं। इस तरह की चोरी को अंजाम देने के लिए चोरों ने एटीएम क्लोनिंग का सहारा लिया है जिसमें कई तरह की कार्ड स्किमर डिवाइस होती हैं जिनके अंदर क्रेडिट-डेबिट कार्ड स्वाइप करने पर उस कार्ड की सारी जानकारी हैकर के कंप्यूटर या लैपटॉप में आ जाती है। इसके बाद एक खाली कार्ड लिया जाता है और एडवांस्ड तरह के प्रिंटर के जरिए क्लोन किए गए कार्ड की सारी जानकारी उस कार्ड के ऊपर प्रिंट कर दी जाती है। कई बार तो हूबहू ओरिजनल कार्ड के जैसा डुप्लीकेट या क्लोन्ड क्रेडिट-डेबिट कार्ड तैयार कर लिया जाता है।

कैसे पता करते हैं पिन?

ये साइबर चोर आपके कार्ड की क्लोनिंग करते हैं वहीं आपका पिन जानने के लिए एटीएम ऐसी जगह कैमरे फिट करते हैं जहां से आपका पिन उन्हें दिख सके। बस इन चोरों के लिए इतना ही काफी होता है।

हाल ही में हो चुकी है एटीएम सेंधमारी की बड़ी घटना

हाल ही में देश के 19 बैंको के 65 लाख से ज्यादा खाताधारकों को एटीएम फ्रॉड की खबरें आईं थी जिसके मुताहिब ग्राहकों के साथ 3 महीने तक धोखाधड़ी होती रही और बैंक बस हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। इन बैंको की नींद तब खुली जब 30 लाख ग्राहकों की बैंकिंग संबंधी जानकारी चोरी हो चुकी थी। आगे पढ़ें अपने पैसे को कैसे रखें सुरक्षित

तत्काल करें ये काम

अपने खाते में जमा रकम को सुरक्षित करने के लिए आपको कुछ जरूरी काम करने होंगे-

  • सबसे पहले अपने ATM का पिन नंबर बदलें 
  • समय-समय पर ATM का पिन बदलते रहें। 
  • ATM का पिन किसी भी दशा में किसी के भी शेयर ना करें और ना ही कहीं लिख कर रखें
  • ATM में पैसा निकालने के बाद कैंसिल बटन जरूर दबाएं। 
  • अपने मोबाइल फोन में पिन सेव करके न रखें और एक से ज्यादा अकाउंट्स के लिए एक ही पिन न रखें।
  • अपने बैंक से न्यूनतम निकासी की लिमिट फिक्स कराएं, ताकि ऐसी घटना होने पर आपको ज्यादा नुकसान ना हो।
  • जरूर फॉलो करें ये स्टेप

    • SMS और मेल पर ट्रांजेक्सन अलर्ट पाने के लिए रजिस्टर करें। 
    • अगर आपसे फोन पर या ई-मेल के जरिए या किसी और माध्यम से आपके बैंक खाते के बारे में कोई जानकारी मांगे तो कतई ना दें। 
    • अगर कहीं आप इसका शिकार हो भी जाते हैं तो घबराने की बात नहीं, बैंक आपका पैसा लौटाने के लिए कानूनन बाध्य है।
    • बैंक आनाकानी करे तो आप बैंकिंग लोकपाल के पास भी जा सकते हैं। 
    • अपने क्षेत्र के लोकपाल के बारे में जानने के लिए आप रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट RBI.ORG.IN पर जा सकते हैं।