कहावत है कि कोर्ट-कचहरी के चक्करों में नहीं पड़ना चाहिए वर्ना पैसा पानी की तरह बह जाता है। आजकल दिल्ली के सीएम केजरीवाल का भी यही हाल है मानहानि केस में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी को मोटी फीस सरकारी खाते से देने का आरोप दिल्ली के सीएम झेल रहे हैं। राम जेठमलानी की फीस लाखो में है। आइए जानते हैं देश के उन बड़े वकीलों के बारे में जो लाखों-करोड़ों में किसी के केस की पैरवी करते हैं।
लीगली इंडिया-2015 की रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी किसी केस के लिए 1 करोड़ रुपए चार्ज करते हैं, मतलब सिर्फ केस लड़ने के लिए ही 1 करोड़ रुपए लेते हैं। इसके अलावा हर सुनवाई के लिए 25 लाख रुपए लेते हैं। सुप्रीम कोर्ट में हर सुनवाई के लिए 25 लाख रुपए लेते हैं वहीं हाईकोर्ट की हर सुनवाई के लिए 25 लाख रुपए चार्ज करते हैं।
देश के जाने-माने वकील फली नरीमन भी मोटी फीस वसूल करते हैं। फली नरीमन सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई का 8 से 15 लाख रुपए तक चार्ज करते हैं। वहीं हाई कोर्ट की सुनवाई के लिए भी वरिष्ठ वकील फली नरीमन 8 से 15 लाख रुपए तक चार्ज करते हैं।
पी. चिदंबरम देश के पूर्व वित्तमंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वह राजनीति में लंबे वक्त से सक्रिय रहे हैं। पी. चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के लिए 7-8 लाख रुपए तक फीस लेते हैं। जबकि हाईकोर्ट के लिए पी. चिदंबरम 7 से 15 लाख रुपए तक फीस लेते हैं।
कई बड़े मुकदमों की पैरवी कर चुके केके वेणु गोपाल भारत दे महंगे वकीलों में शुमार हैं। वेणु गोपाल ट्राइब्यूनल केस के लिए 25 लाख रुपए तक चार्ज करते हैं। वहीं नॉन ट्रायल कोर्ट्स के लिए 8-9 लाख रुपए तक की फीस लेते हैं। वहीं अगर कोर्ट की सुनवाई में दोनों पक्षों में से कोई एक पक्ष गैर हाजिर रहता है तो वेणुगोपाल किसी तरह की फीस नहीं लेते हैं। हाई कोर्ट की सुनवाई के लिए केके वेणु गोपाल 5.5 से 15 लाख रुपए तक चार्ज करते हैं,जबकि हाई कोर्ट के लिए 11 से 16.5 लाख रुपए तक फीस लेते हैं।
हाल ही में सलमान खान को जेल जाने से बचाने वाले वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे भी लाखों में फीस लेने के लिए मशहूर हैं। हरीश साल्वे सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के लिए 6 से 15 लाख रुपए तक वसूल करते हैं जबकि हाई कोर्ट के लिए भी इतनी ही यानि कि 6 से 15 लाख रुपए तक फीस लेते हैं।
कांग्रेस नेता और केंद्र सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके सलमान खुर्शीद देश के जाने-माने वकील हैं। सलमान खुर्शीद को वकालत के अलावा फिल्मों और गाने के भी शौक है। सलमान खुर्शीद सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के लिए 5 लाख रुपए या उससे ज्यादा फीस लेते हैं जबकि हाईकोर्ट के लिए 8 से 11 लाख रुपए की फीस चार्ज करते हैं।
अभिषेक मनु सिंघवी भी कांग्रेस के बड़े नेता हैं और तमाम बड़े मुकदमों की पैरवी कर चुके हैं। अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट की हर सुनवाई के लिए 6 से 11 लाख रुपए तक फीस लेते हैं वहीं हाई कोर्ट के लिए अभिषेक मनु सिंघवी 7 से 15 लाख रुपए तक की फीस लेते हैं।
सीए सुंदरम के बारे में बताया जाता है कि वह फीस को लेकर किसी तरह का मोल-भाव नहीं करते हैं। इसके अलावा वह कई केस नि: स्वार्थ भाव से लड़ चुके हैं। सीए सुंदरम हाईकोर्ट के लिए 5.5 लाख रुपए से लेकर 16.5 लाख रुपए तक फीस लेते हैं जबकि हाई कोर्ट की सुनवाई के लिए उनकी फीस को लेकर किसी तरह की डिटेल नहीं दी गई है।
केटीएस तुलसी सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई का 5 से 6 लाख रुपए तक चार्ज करते हैं। वहीं हाई कोर्ट की सुनवाई के लिए भी वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी 8 से 9 लाख रुपए तक चार्ज करते हैं।
कांग्रेस नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और मंझे हुए वक्ता कपिल सिब्बल देश के जाने-माने वकील हैं। कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट की हर सुनवाई के लिए 5 से 15 लाख रुपए तक चार्ज करते हैं जबकि हाई कोर्ट की एक सुनवाई के लिए कपिल सिब्बल 7 से 16 लाख रुपए तक की फीस लेते हैं।
आम आदमी पार्टी को खड़ा करने और सबसे ज्यादा चंदा देने का काम वरिष्ठ वकील शांति भूषण ने ही किया था। शांति भूषण सुप्रीम कोर्ट में हर सुनवाई के लिए 4.5 लाख रुपए से लेकर 6 लाख रुपए तक फीस लेते हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के लिए भी इतनी ही फीस लेते हैं।
जाने-माने वकील दुष्यंत दवे सैनिक, टीचर, सिविल सर्विसेज में कार्यरत लोग, डॉक्टर, वकील और उनके रिश्तेदारों से केस लड़ने के लिए पैसे नहीं लेते हैं। इसके अलावा वह हर हफ्ते 3-4 नि: स्वार्थ भाव से भी केस की पैरवी करते हैं। दुष्यंत दवे सुप्रीम कोर्ट में हर सुनवाई के लिए 5.5 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक की फीस लेते हैं जबकि हाईकोर्ट के लिए भी इतनी ही फीस चार्ज करते हैं।
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