भारत के पड़ोसी देशों में चीन को सूची में 90वां स्थान, भूटान को 132वां, बांग्लादेश को 139वां, नेपाल को 144वां और पाकिस्तान को 147वां स्थान मिला है। इस सूचकांक की शुरुआत 1990 में की गई। इस सूची में जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और प्रति व्यक्ति आय के अधार पर देशों को चार वर्गो में रखा गया है। सूची में नॉर्वे (0.949) शीर्ष पर, आस्ट्रेलिया (0.939) दूसरे स्थान पर और स्विट्जरलैंड (0.939) तीसरे स्थान पर हैं।
यूएनडीपी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "मानव विकास की दिशा में पीछे छूट गए देशों की पहचान और उनका चिह्नांकन बेहतर नीति के निर्माण और मानव विकास के मुद्दों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम तैयार करने के लिए बेहद जरूरी है। इस तरह की सूची विकास के लिए काम करने वालों को कार्रवाई की मांग करने और नीति निर्माताओं पर विकास में पीछे छूट गए लोगों के लिए बेहतर योजनाएं बनाने के लिए दबाव बनाने में मददगार साबित होगी।"
रिपोर्ट में कहा गया है कि लिंगानुपात और महिला सशक्तीकरण मानव विकास निर्धारित करने के अहम बिंदु हैं। हालांकि वैश्विक स्तर पर महिलाओं की एचडीआई पुरुषों की तुलना में कम है, जबकि जन्म के समय महिलाओं की जीवन प्रत्याशा पुरुषों से अधिक है।
दक्षिण एशिया का जेंडर डेवलपमेंट इंडेक्स (जीडीआई) सबसे कम है। जीडीआई का निर्धारण महिलाओं और पुरुषों की एचडीआई में असमानता के आधार पर होता है। इसमें जितनी अधिक असामनता होगी जीडीआई उतना ही कम होगा।
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