भारतीयों के बीच सोना कितना लोकप्रियता के बारे में पूरी दुनिया को पता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सबसे ज्यादा सोना खरीदते हैं। लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि इतना सोना इस्तेमाल करने के बाद भी कई और देश सोना रखने के मामले में भारत से कहीं आगे हैं। दरअसल ऐसे देशों के रिजर्व बैंक या फिर सेंट्रल बैंको के पास ज्यादा सोना होता है जिससे उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है, भारत इस मामले में विपरीत है, यहां जनता के पास सोना ज्यादा है और रिजर्व गोल्ड कम है। आगे पढ़िए किस देश के पास कितना सोना है और भारत सोना रखने के मामले में किस नंबर पर है।
गोल्ड रिजर्व या सोना रखने के मामले में अमेरिका टॉप पर है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक अमेरिका के पास सबसे ज्यादा 8,1335 टन सोना है। आपको बता दें कि 1968 से पहले अमेरिका के पास हमेशा 10 हजार टन से अधिक सोना रहा है जबकि 1952 में अमेरिका के पास 20 टन से अधिक सोना था।
अमेरिका के बाद जर्मनी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व रखने वाला देश है। जर्मनी के पास आधिकारिक गोल्ड होल्डिंग 3,381 टन है। यूरोपीय देशों में जर्मनी के पास सबसे ज्यादा सोना है।
सोना रखने के मामले में इटली भी पीछे नहीं है। इस मामल में इटली तीसरे नंबर पर है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक इटली के पास विदेशी मुद्रा भंडार का 64 फीसदी सोना है। इटली के पास कुल 2,452 टन सोना है।
एक अन्य यूरोपीय देश और जर्मनी का पड़ोसी देश फ्रांस के पास 2,436 टन सोना है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक फ्रांस दुनिया में गोल्ड रिजर्व रखने के मामले में चौथे स्थान पर है। फ्रांस का यह सोना विदेशी मुद्रा भंडार का 60 फीसदी है।
फ्रांस के बाद चीन का नंबर है। सोना रखने के मामले में चीन दुनिया में 5वें नंबर पर है। चीन के पास कुल 1,762 टन सोना है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक चीन ने अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ाने के लिए पिछले तीन साल में 600 टन सोना खरीदा है।
दुनिया का सबसे बड़ा देश रुस गोल्ड रिजर्व रखने के मामले में 6वें स्थान पर है। रूस के पास 1,393 टन सोना है। विदेश मुद्रा भंडार में रूस के कुल सोने का हिस्सा 13 फीसदी है।
इस लिस्ट में 7वें नंबर पर है स्विट्जरलैंड। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, स्विट्जरलैंड के पास कुल 1,040 टन सोना है। इस सोने की विदेशी मुद्रा में कुल हिस्सेदारी 6 फीसदी है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, जापान की ऑफिशियल गोल्ड होल्डिंग 765 टन है। वहीं, विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा 2.1 फीसदी है। 1950 में जापान के पास सिर्फ 6 टन सोना था। इसके बाद जापान ने लगातार सोने की खरीद की। साल 2011 में सुनामी और न्यूक्लियर प्लांट हादसे के बाद सरकार ने इकोनॉमी में 20 लाख करोड़ येन का फ्लो करने के लिए सोने की बिक्री की।
गोल्ड रिजर्व रखने के मामले में नीदरलैंड 9वें स्थान पर है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक नीदरलैंड के पास कुल 612 टन सोना है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत इस लिस्ट में 10वें स्थान पर है। भारत के पास आधिकारिक गोल्ड रिजर्व 557.7 टन है। भारत वर्तमान में सोने का सबसे बड़ा आयातक देश बन गया है। इससे पहले चीन सोने का सबसे आयातक देश था। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के पास 64.5 टन सोना है, नेपाल के पास 36.3 टन, श्रीलंका के पास 22.1, म्यांमार के पास 7.3 टन और मॉरीशस के पास 3.9 टन सोना मौजूद है।
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