सरकार ने मंगलवार को संसद में कहा कि 2,071 उद्योगपतियों पर बैंकों का कुल 3.89 लाख करोड़ रुपए बकाया है। इन उद्योगपतियों ने 50 करोड़ रुपए या इससे अधिक का ऋण ले रखा है। यह धनराशि या तो बुरे ऋण या फिर गैरनिष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में तब्दील हो गई है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि 30 जून, 2016 तक 50 करोड़ रुपए से अधिक ऋण राशि वाले एनपीए खातों की संख्या 2,071 थी, जिन्हें मिलाकर कुल 3,88,919 करोड़ रुपए की राशि बैठती है।
गंगवार ने कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुदेशों के अनुसार, प्रत्येक बैंक की अपनी वसूली नीति है, जिसमें माफी की प्रक्रिया भी शामिल है।"
उन्होंने कहा कि इस माफी के तहत आरबीआई ने मुख्यालय स्तर पर तो माफी की अनुमति दी है, जबकि शाखा स्तर पर वसूली के प्रयास जारी रहते हैं।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान