जनधन अकाउंट को लेकर सरकार ने बड़ी घोषणा की है। साथ ही आज बुधवार से नोट बदलने के लिए लाइन में लगे लोगों की उंगलियों में स्याही लगाई जाएगी। नोटबंदी के बाद नकदी की समस्या से जूझ रहे आम आदमी की सहूलियत के लिए नकदी की निकासी और नोट बदलने वालों की उंगली पर मतदान के दौरान इस्तेमाल होने वाली स्याही लगाई जाएगी। सरकार ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। सरकार ने यह कदम तय सीमा से अधिक बार नकद निकासी करने वालों और बार-बार पुराने अमान्य नोट बदलने वालों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया है।

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नोटबंदी पर हुई समीक्षा

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने यहां पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार की रात वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों के साथ नोटबंदी पर दूसरी समीक्षा बैठक की और इस बात पर विचार विमर्श किया कि बैंकों और ATM बूथ के बाहर आखिर एक सप्ताह बाद भी इतनी लंबी-लंबी कतारें क्यों लगी हुई हैं।

बार-बार नोट निकालने वालों पर नजर

दास ने कहा, "ऐसी खबरें मिली हैं कि कई जगहों पर कुछ खास लोगों का समूह बार-बार नोट निकालने पहुंच रहा है। वे एक शाखा से नकदी निकालकर दूसरी शाखा पर पहुंच जा रहे हैं। परिणामस्वरूप नकदी निकासी का फायदा चंद लोगों को ही मिल पा रहा है।"

काले को सफेद कर रहे हैं लोग

उन्होंने कहा कि काली कमाई करने वाले लोग बार-बार अलग-अलग बैंक की शाखाओं में पहुंचकर अपना काला धन सफेद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "इस पर लगाम लगाने के लिए मतदान के दौरान इस्तेमाल होनी वाली स्याही नकद निकासी करने वाले लोगों की उंगली पर लगाई जाएगी। स्याही का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस संबंध में बैंकों को निर्देश दिया जाएगा। आज (मंगलवार) से देश के बड़े नगरों में इस प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।"

जनधन खातों को लेकर हुई बड़ी घोषणा

देश के कई हिस्सों से जन-धन खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा होने की खबरें आने के बाद वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को जन-धन खातों में नकदी जमा करने की सीमा 50,000 रुपए कर दी। ATM के जरिए एक दिन में अधिकतम 2,500 रुपए निकाले जा सकते हैं, जबकि बैंक काउंटर से अधिकतम 4,500 रुपए मूल्य के पुराने अमान्य नोटों को बदला जा सकता है। इसके अलावा बैंक खातों से प्रति सप्ताह अधिकतम 24,000 रुपए निकाले जा सकते हैं।

जनधन खातों के डिपॉजिट पर सरकार की नजर

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने पत्रकारों को बताया, "कुछ लोग जन-धन खातों में अपना काला धन जमा कर रहे थे। अब जन-धन खातों में सिर्फ 50,000 रुपए ही जमा किए जा सकेंगे।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार की रात वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों के साथ नोटबंदी के मसले पर हुई दूसरी समीक्षा बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया।

बैंक भी कर रहे हैं निगरानी

शक्तिकांत ने बताया, "इन खातों पर नजर रखी जा रही है। जन-धन खाताधारकों को काला धान जमा करने के लिए दूसरों को अपने खातों का उपयोग नहीं करने देना चाहिए। बैंकों को इन खातों पर नजर रखने के लिए कहा गया है।"

1.5 से 2 लाख तक के जमा पर कोई जांच नहीं होगी

अन्य बैंक खातों के संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा था कि जिन खातों में डेढ़ या दो लाख रुपए जैसी छोटी राशि जमा हो रही है, उनकी जांच नहीं की जाएगी। दास ने साथ ही उन अफवाहों को भी खारिज किया है जिसमें कहा जा रहा था कि कुछ संस्थान नोटबंदी पर सरकार के खिलाफ हड़ताल की योजना बना रहे हैं।

माइक्रो एटीएम के लिए ग्रीन चैनल तैयार

जेटली ने बताया कि देशभर में बैंक की शाखाओं पर अलग से माइक्रो ATM का एक ग्रीन चैनल तैयार किया गया है। इसके अलावा नोटों की जमाखोरी और पुराने नोटों के बदलने पर नजर रखने के लिए एक कार्यबल का भी गठन किया गया है। दास ने आश्वासन दिया है कि सभी बैंक की हर शाखा पर और डाकघरों में पर्याप्त मात्रा में नकदी है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।