वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अर्थव्यवस्था को और खोलने पर जोर देते हुए कहा कि, केंद्र सरकार निवेश आकर्षित करने और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में कमी को पूरा करने के लिए सुधारों की रफ्तार तेज करेगी। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक वृद्धि दर के मोर्चे पर 'काफी हद तक बेसब्री' है।

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भारत-ब्रिटेन प्रौद्योगिकी सम्मेलन को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में यहां अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ ही संरक्षणवाद के लिए आवाज उठाने वाली आवाजें गायब हैं। उन्होंने कहा, ''भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत यह है कि हम किसी अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अधिक तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन अपने खुद के मानदंड के हिसाब से हम संतुष्ट नहीं हैं।

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उन्होंने कहा कि, भारत में इस बात को लेकर बेचैनी है और यह अहसास भी है कि हम अधिक तेजी से वृद्धि कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि आजादी के सात दशक के बाद दुनिया में भारत की आवाज पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा, ''ऐसे में और सुधार, अर्थव्यवस्था को अधिक खोलने, अधिक निवेश आकषिर्त करने और विनिर्माण में अधिक विस्तार के लिए तथा बुनियादी ढांचे में कमी को अधिक तेजी से पाटने के लिए हम यह कर रहे हैं।