अमेरिकी चुनावों पर पूरी दुनिया की नजर है। दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र में एक बार फिर लोग अमेरिका का का सर्वोच्च नेता चुनने जा रहे हैं। चुनावों में जीत किसकी होगी ये तो बाद की बात है लेकिन चुनावों के नतीजे दुनिया भर के बाजार और खासकर भारतीय आईटी कंपनियों पर असर जरूर डालेंगे। देश में तमाम निवेशकों की नजर अमेरिकी चुनाव पर है और वह बड़े ही सधे हुए अंदाज में बाजार का मूंड भांपते हुए निवेश कर रहे हैं। एक नजर उन स्टॉक्स पर जो हिलेरी क्लिंटन या फिर डोनाल्ड ट्रंप के जीतने से प्रभावित होंगे।
CLSA के इंडिया स्ट्रैटेजिस्ट महेश नंदुरकर ने समाचार पत्र ईटी नाउ को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि निवेशकों को कई इवेंट्स पर नजर रखनी चाहिए, इनमें सबसे प्रमुख है अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव। बाजार की सेहत इस पर निर्भर करेगी कि अगले अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से कितनी जल्द स्टिम्युलस यानी राहत पैकेज का ऐलान होता है।
इकोनॉमिक टाइम्स के वेब संस्करण में प्रकाशित सक्षात्कार के मुताबिक, CLSA के इंडिया स्ट्रैटेजिस्ट महेश नंदुरकर ने बताया कि, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले दुनिया के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। अमेरिका के साथ यूरोप को लेकर भी निवेशकों के मन में आशंका है। ब्रिटेन की तरह इटली के भी यूरोपियन यूनियन में बने रहने या बाहर निकलने को लेकर जनमतसंग्रह की अटकलें लग रही हैं।
ओपीनियन पोल से जु़ड़े एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि, हम भारत में कई बार देख चुके हैं कि ओपिनियन पोल से चुनाव के नतीजों का सटीक अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, ब्रेग्जिट ओपिनियन पोल में भी हम यह देख चुके हैं, इसलिए अमेरिकी चुनाव को लेकर निवेशकों के मन में आशंका है। जहां तक भारत की बात है, ट्रंप की जीत यहां की IT कंपनियों के लिए अच्छी खबर नहीं होगी। भारतीय IT सेक्टर पहले से ही अंडरपरफॉर्म कर रहा है, अगर ट्रंप चुनाव जीतते हैं और IT स्टॉक्स पर और दबाव बनेगा।
वहीं उन्होंने क्लिंटन के जीतने पर प्रभावित होने वाले स्टॉक्स के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि, क्लिंटन के जीतने पर फार्मा कंपनियों पर कुछ नेगेटिव इंपैक्ट हो सकता है, हालांकि, मार्केट चुनाव के बाद के बारे में भी सोच रहा है, जीत चाहे जिसे मिले, अमेरिका में राहत पैकेज की संभावना की चर्चा होने लगी है। पिछले 8 या 9 साल से अमेरिका में हमने स्टिम्युलस पैकेज देखे हैं, अब शायद ऐसा राहत पैकेज आएगा, जिससे ग्लोबल कमोडिटी मार्केट को फायदा होगा और उससे अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ भी बढ़ेगी। इसलिए कई इवेंट्स पर नजर रखने की जरूरत है।
मिडकैप स्टॉक्स ने इस साल बढ़िया रिटर्न दिया है। सीएलएसए का मानना है कि मिडकैप और लार्ज कैप स्टॉक्स के बीच वैल्यूएशन गैप रेकॉर्ड लेवल पर चला गया है। अब लार्ज कैप स्टॉक्स अधिक फेवरेबल लग रहे हैं। ब्लूचिप कंपनियों में हमें फाइनैंशल्स और कन्ज्यूमर डिसक्रिशनरी कंपनियां पसंद हैं।
डॉलर में आईटी कंपनियों की ग्रोथ 7-8 पर्सेंट रह गई है। अगर आईटी कंपनियों के हक में अमेरिकी इलेक्शन का नतीजा नहीं आता है तो हम इनमें 12 से 24 महीनों के लिए निवेश की सलाह देंगे। हालांकि, आपको IT स्टॉक्स से बहुत ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
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