उरी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में बेहद तल्खी आ गई है। पाकिस्तान को डर है कि भारत ऐसी स्थिति में उस पर आक्रमण कर सकता है। डर के इसी माहौल ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। बुधवार को पाकिस्तानी शेयर बाजार ने 569 अंको का गोता लगाया, इस गिरावट से छोटे निवेशक बुरी तरह से डर गए हैं और उन्हें आशंका है कि पाकिस्तान पर कभी भी हमला हो सकता है।

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डर गए पाकिस्तानी निवेशक

छोटे निवेशकों ने द्वारा तेजी से पैसे निकालने के बाद स्टॉक एक्सचेंज में बड़ी गिरावट आई। पैनिक सेलिंग का ये माहौल 20-21 सितंबर से लगातार बना हुआ है। इसके पीछे एक कारण ये भी हो सकता है कि पाकिस्तान ने पाक अधिकृत कश्मीर में हाईवे बंद कर दिए हैं और सड़कों से फाइटर एयरक्राफ्ट्स की लैंडिंग और टेक ऑफ की प्रेक्टिस के लिए छोड़ दिया है।

पैनिक सेलिंग से गिरा बाजार

पाकिस्तान के समाचार पत्र डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को पाकिस्तानी शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली कराची स्टॉक एक्सचेंज-100 बेंचमार्क में 569 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इसका नतीज ये हुआ कि पाकिस्तानी शेयर बाजार का सूचकांक 39,771 पर जाकर बंद हुआ। अखबार के अनुसार बाजार में करीब 1.41 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का असर यह हुआ कि पाकिस्तानी शेयर बाजार ने सितंबर में जितनी बढ़त बनाई थी वो सब गंवा दी।

दोनों देशों के बीच तनाव मुख्य वजह

कराची स्टॉक एक्सचेंज के चेयरमैन आरिफ हबीब इस गिरावट की मुख्य वजह भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को मान रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के मीडिया में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर एक और खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में विदेशी निवेश में तेजी से कमी आई है। इस वक्त पाकिस्तान में सबसे बड़ा विदेशी निवेशक चीन है जो सीपीसी यानि चीन पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर पर काम कर रहा है।