केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच आए दिन नोंक-झोंक खबरें मिलती रहती हैं। दोनों की राय हर मुद्दे पर भिन्न है लेकिन GST यानि गुड्स एंड सर्विस टैक्स (वस्तु और सेवा कर) पर दिल्ली सरकार केंद्र के साथ है। बुधवार को दिल्ली विधानसभा में GST विधेयक को सर्व सम्मति से पास कर दिया गया।
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि भारत में ये यह सबसे बड़ा कर सुधार है। सिसोदिया ने दिल्ली विधानसभा में विधेयक पर एक चर्चा के जवाब में कहा, "हम इसका समर्थन करते हैं। हम कर सुधार का समर्थन करते हैं। दिल्ली एक सेवा राज्य है और यह (विधेयक) काफी उपयोगी है।"
हालांकि दिल्ली के डिप्टी सीएम ने जीएसटी की तारीफ करते हुए केंद्र को सुझाव देते हुए कहा कि उन्होंने जीएसटी का समर्थन इस उम्मीद से किया है कि इससे टैक्स नहीं बढ़ेंगे और छोटे व्यापारियों का शोषण नहीं होगा।
जीएसटी विधेयक संसद में इसी महीने पहले पारित हुआ था। इस संविधान संशोधन विधेयक को कानून बनने के लिए 50 प्रतिशत राज्यों की मंजूरी की जरूरत है।
आपको बता दें कि राज्यों में सबसे पहले असम विधानसभा में जीएसटी विधेयक पास हुआ था। दिल्ली जीएसटी विधेयक पास करने वाला आठवां राज्य बन चुका है। अब तक असम, बिहार, झारखंड, गुजरात, मध्यप्रदेश, गोवा और महाराष्ट्र इसे पास कर चुके हैं।
संविधान संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनो में बिल पारित के एक महीने के अंदर देश भर के आधे राज्यों की विधानसभा में पास करना जरूरी है।
जीएसटी मॉडल एक्ट के तहत 10 लाख रुपए से ज्यादा का टर्नओवर करने वाले व्यापारी जीएसटी के दायरे में आएंगे। इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली में होगा, क्योंकि यहां 20 लाख रुपए तक सालाना टर्नओवर वाले व्यापारी वैट के दायरे से बाहर हैं अब जीएसटी लागू होने के बाद ऐसे व्यापारी जीएसटी के दायरे में आ जाएंगे।
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