इंडिया रेटिंग ने बेहतर मॉनसून को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिये देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित कर 7.8 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि केंद्र में मोदी सरकार के गठन के बाद जो एक उत्साह बना था, उसके बावजूद अर्थव्यवस्था में वृद्धि उतनी तेज नहीं है।
इंडिया रेटिंग ने 'अर्थव्यवस्था की समीक्षा' पर अपनी शोध रिपोर्ट में कहा, 'इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रेटिंग) ने 2016-17 के लिये सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित कर 7.8 प्रतिशत कर दिया है जो पहले 7.7 प्रतिशत था।
मॉनसून में प्रगति तथा अब तक खरीफ फसल की बुवाई को देखते हुए वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाया गया है।'' रेटिंग एजेंसी के अनुसार खरीफ फसल की बुवाई का रकबा अबतक 5.7 प्रतिशत अधिक है और उम्मीद है कि कृषि सकल मूल्य वर्धन चालू वित्त वर्ष में तीन प्रतिशत रहेगा जिसके पहले 2.8 प्रतिशत रहने की बात कही गयी थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मॉनसून का कृषि पर सकारात्मक प्रभाव जीडीपी वृद्धि को मदद करेगा। वृहत अर्थव्यवस्था के बारे में एजेंसी ने कहा कि भारत की वृद्धि हो रही है लेकिन वह तेज नहीं है। इंडिया रेटिंग्स ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में सरकार बदलने के साथ उत्साह और उम्मीद के बावजूद आर्थिक वृद्धि को सुस्त करार दिया जा सकता है। हालांकि रेटिंग एजेंसी के अनुसार सरकार ने विनिर्माण को प्रोत्साहित करने तथा कारोबार सुगमता के लिये कई पहल किये हैं।
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