नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग तथा शिपिंग मंत्री नीतिन गडकरी ने अमेरिका के निवेशकों से भारत में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके लिए भारत में निवेश का स्‍वर्णिम अवसर है, क्‍योंकि वर्तमान सरकार अवसंरचना विकास को सर्वोच्‍च प्राथमिकता दे रही है। जाहिर है, केंद्र के इन प्रयासों का असर घरेलू व एकल निवेशकों की आमदनी पर भी पड़ेगा। वो भी सकारात्मक दिशा में।

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अमेरिका-भारत बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) द्वारा वाशिंगटन में आयोजित एक समारोह में गडकरी ने अमेरिका तथा भारत की कंपनियों के वरिष्‍ठ कार्यकारी अधिकारियों से बातचीत की। उन्‍होंने अपनी योजनाओं और भारत की अवसंरचना को मजबूत करने के विजन के बारे में बताया। गडकरी ने सड़क निर्माण, बंदरगाह नेतृत्‍व औद्योगिकरण के बारे में बताया।

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गडकरी ने बताया कि कैसे अमेरिकी उद्योग भारत की सरकार के साथ सहयोग कर सकते हैं। भारत-अमेरिका बिजनेस काउंसिल एक प्रमुख व्‍यावसायिक संगठन है। भारत और अमेरिका की शीर्ष 400 कंपनियां इस संगठन से जुड़ी हैं। काउंसिल अमेरिका-भारत वाणिज्यिक संगठनों को आगे बढाती है। यूएसआईबीसी अमेरिका में सबसे बड़ा द्विपक्षीय व्‍यापार संगठन है। इसके कार्यालय न्‍यूर्याक, सिलिकॉन वैली तथा नई दिल्‍ली में हैं।

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इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के क्षेत्र में तेजी

गडकरी ने निवेशकों से कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अवसंरचना विकास को सरकार की सर्वोच्‍च प्राथमिकता बनाया है। हम समयबद्ध तरीके से, परिणाममुखी रूप से भ्रष्‍टाचार मुक्‍त और पारदर्शी तरीके से देश की सड़क, राजमार्ग तथा बंदरगाह संपर्क में सुधार करने के लिए संकल्‍पबद्ध हैं। इसमें ई-गवर्नेंस और तेजी से निर्णय लेना शामिल है। सड़क निर्माण की गति प्रति दिन 20 किलोमीटर सड़क बनाने की है। यह अब तक सबसे अधिक गति है।

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अगले वर्ष से हम प्रति दिन 41 किलोमीटर सड़क बनाने की योजना बना रहे हैं। भारत में निवेश का यह स्‍वर्णिम अवसर है।' सड़क परिवहन और राजमार्ग और शिपिंग मंत्री ने देश में बनाए जा रहे नये राजमार्गों, पीपीपी मॉडल के अंतर्गत वित्‍तीय व्‍यवस्‍था, लॉजिस्टिक पार्कों के लिए नीति बनाने, सड़कों के आधुनिकीकरण, सड़क सुरक्षा के लिए कुशल यातायात प्रणाली तथा भारत के लॉजिस्टिक क्षेत्र में नवाचार और प्रौद्योगिकी के बारे में भी अपने वि‍चार प्रकट किए।

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गडकरी की टीम ने सड़क, राजमार्ग तथा जहाजरानी के क्षेत्र में हुई प्रगति से अवगत कराया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव श्री रोहित कुमार सिंह ने राजमार्ग क्षेत्र में निवेश के अवसरों के बारे में बताया जबकि शिपिंग मंत्रालय के अपर सचिव श्री आलोक श्रीवास्‍तव ने बंदरगाह नीत विकास के लिए मंत्रालय के अग्रणी कार्यक्रम - सागर माला के बारे में जानकारी को साझा किया ताकि लॉजिस्टिक लागत कम हो और निवेश, निर्यात और रोजगार को बढ़ावा मिल सके।

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ई-कॉमर्स में खुलेंगे और अवसर

यूएसआईबीसी के अध्‍यक्ष डॉ. मुकेश अधी ने कहा कि भारत के ई-कॉमर्स बाजार में विशाल वृद्धि और अप्रत्‍याशित रूप से भारतीय शहरों के विकास को देखते हुए अग्रणी लॉजिस्टिक सेवाओं तथा बेहतर परिवर्तन अवसंरचना की आवश्‍यकता है। भारत को अगले कुछ वर्षों में नई सड़कें, नए बंदरगाह, नई रेल लाइनें और नए हवाई अड्डे विकसित करने के लिए एक ट्रिलियन डॉलर की आवश्‍यकता है और अमेरिकी कंपनियां इस क्षेत्र के विकास में अपनी विशेषज्ञता और पूंजी दे सकती हैं। हम इस क्षेत्र के विकास से उत्‍साहित हैं। गडकरी के नेतृत्‍व में सड़क बनाने की गति तेज हुई है, अवसंरचना पर खर्च में वृद्धि हुई है।

विचार-विमर्श में बहु मॉडल एकीकृत परिवहन तथा लॉजिस्टिक अवसंरचना के प्रबंधन करने वाले परिसंघ ट्रांस एशिया इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर ग्रुप के प्रबंध निदेशक डॉ. रविन्‍द्र वर्मा ने उद्योग का पक्ष रखते हुए कहा कि सड़क परिवहन मंत्री गडकरी के नेतृत्‍व में भारतीय राजमार्ग क्षेत्र महत्‍वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। अगले कुछ वर्षों में वर्तमान गलियारों का विस्‍तार करने और नये गलियारे बनाने के लिए 100 बिलियन डॉलर की आवश्‍यकता होगी। यह उत्‍तरी अमेरिका के सभी हितधारकों के लिए संसाधन जुटाने का अवसर है। हम भारत पर बल के साथ एक बिलियन डॉलर जुटाने का काम कर रहे हैं।