वर्ष 2015 शेयर बाज़ार में निवेश की दृष्टि से लाभदायक वर्ष नहीं रहा है। वर्ष के प्रारम्भ में शेयर बाज़ार के जो भाव थे, वर्ष के अंत में इनमें आठ से दस प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गर्इ है। सभी सेक्टर के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए हैं, जिसमें बैंकिंग, आर्इटी व फार्मा भी सम्मिलित है।
मरुति और हिन्दुस्तान लिवर के अलावा शेयर बाज़ार में वेटिंग रखने वाले चुनिंदा बड़े शेयर जैसे- आर्इटीसी, टीसीएस, सनफार्मा, आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक और एक्सिस बैंक आदि सभी कम्पनियों ने इस वर्ष अंडरप्रफोर्म किया है। ऑयल एक्सपलोरेशन और मेटल सेक्टर के शेयरों का प्रदर्शन सब से खराब रहा। इस सेक्टर की प्रमुख कम्पिनयां है- ओएनजीसी, केरिन इंडिया, एनएमडीसी, हिंडाल्कों और वेदान्ता है, इन सभी में भारी गिराववट दर्ज की गर्इ।
लगभग सभी सेक्टर में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों को घाटा उठाना पड़ा है।
2016 में वेल्यू पिक वाले शेयरों पर नज़र रखनी चाहिये, जिन्हें खरीदने पर फायदा हो सकता हैं। यहां उन अच्छे शेयरों की सूची दी जा रही है, जो आपको मुनाफा दिला सकते हैं।
1. आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक:
भारत में प्राइवेट सेक्टर की सब से बड़ी बैंक- आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक का शेयर अपने अर्निंग के दस गुणा कम पर ट्रेड कर रहा हैं। इस समय शेयर का भाव बहुत कम है। बैंक की स्वास्थय बीमा, जीवन बीमा जैसी सहायक कम्पनियों में होल्डिंग है, जिससे इसकी वैल्यू में बहुत अधिक वृद्धि दर्ज की गर्इ है । यह शेयर अपने बढ़ते एनपीए और अर्थव्यवस्था की सुस्त चाल के कारण नहीं चढ़ रहा है, किन्तु जैसे ही आर्थिक सुधारों की गति तेज होगी होगी बैंकिंग सेक्टर के शेयर भागेंगे।
अभी अर्थव्यवस्था की जो दशा है, जो इसका मात्र एक पक्ष है, इसमें सुधार होने की पूरी सम्भावना है। बैंक के एनपीए में निकट भविष्य में घटने की सम्भावना है, जिससे यह शेयर आकर्षक बना रहेगा। यह शेयर निश्चित रुप से 2016 में 300 रुपये के स्तर को छुएगा। वर्तमान में शेयर के जो भाव चल रहे हैं, उससे लगभग बीस से तीस प्रतिशत लाभ दिला सकता है। 2015 के प्रारम्भ में इस शेयर ने बावन सप्ताह के ऊच्चतम स्तर 380 रुपये छुआ था, जो वर्तमान में 256 रुपये पर टे्ड कर रहा है। यह शेयर वर्ष 2016 में आपको भारी लाभ दिला सकता है।
2. एनएमडीसी:
मेटल और कमोडिटी शेयर जिनकी तगड़ी धुनार्इ हो चुकी है, उनके बारें में सलाह देना जोखिम वाला हो सकता है, परन्तु ऐसा मानना है कि कमोडिटी के शेयर काफी गिर चुके हैं औ ये अपने बॉटम स्तर को छू रहे हैं। यही एक कारण है कि एनएमडीसी जैसे शेयर को नीचले स्तर पर खरीदने की सलाह दी जा सकती है। यह कम्पनी आयरन ओर का उत्पादन करती है। मेटल के भावों में गिरावट के कारण इस समय कम्पनी का शेयर 148 रुपये से मौजुदा स्तर पर पहुंचा है। एनएमडीसी समृद्ध कम्पनी है जो कर्ज से पूरी तरह मुक्त है। लाभांश देने वाली कम्पनी का की शेयर यील्ड 9 से 10 प्रतिशत है। कम्पनी उत्पादन बढ़ाने को ले कर कर्इ आक्रामक विस्तर योजनाओं पर काम कर रही है। अत: बहुत कम समय में इस शेयर में एक रैली देखी जा सकेगी।
3. ऑयल इंडिया:
ऑयल क्षेत्र की यह प्रभावी कम्पनी है। वर्ष 2015 में धातु और ऑयल के भावों में भारी गिरावट के कारण एनएमडीसी की तरह ऑयल इंडिया कम्पनी का शेयर भी 576 के स्तर से लुढ़क कर 372 रुपये के स्तर को छू रहा है। ऑयल का भाव इस समय 35 डॉलर प्रति बेरल चल रहा है, जो और गिर सकता है, किन्तु जैसे ही ऑयल के भाव बढ़ने लगेंगे इस शेयर में चाल आ जायेगी।
कम्पनी ने इस समय 21 रुपये प्रति शेयर लाभांश घोषित किया है, जो स्टोक की यील्ड़ का पांच प्रतिशत है। हमारा ऐसा विश्वास है कि वर्ष 2016 में ऑयल सेक्टर की अन्य कम्पनियां केरिन इंडिया और ओएनजीसी आदि कम्पनियों के शेयर, ऑयल के भाव बढ़ते ही रफ्तार पकड़ लेंगे।
More Articles
- Godfrey Phillips Share: कमजोर नतीजों से टूटा निवेशकों का भरोसा, शेयर में 8% तक की बड़ी गिरावट
- South Korea Market Crash: चिप कंपनियों की बिकवाली से Kospi में दूसरे दिन बड़ी गिरावट, भारत पर कितना असर?
- Nifty रहेगा मजबूत या आएगी गिरावट? Expert से जानिए किन सेक्टर्स और स्टॉक्स में है कमाई का मौका?
- GRSE Share: जून तिमाही में शानदार नतीजे, Profit 44% बढ़ा, Revenue भी मजबूत! आगे क्या होगा?
- ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी
- Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?