नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने पैसे की निकासी के लिए सरल एवं संक्षिप्त फॉर्म पेश किए हैं। यह सिर्फ एक पेज का फॉर्म है, जिस पर केवल पांच-छह सूचनाएं ही भरनी पड़ती हैं। खास बात यह है कि अब इस पर कंपनी के सत्यापन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ये फॉर्म उन कर्मचारियों के लिए मान्य हैं, जिन्होंने अपने फॉर्म-11 (नवीन) में सारे विवरण भर दिए हैं और नियोक्ता ने केवाईसी के रूप में आधार एवं बैंक से जुड़ा ब्यौरा प्राथमिकता के साथ प्रदान कर दिया है और इसके साथ ही इसे यूएएन पोर्टल पर अपलोड कर दिया है, जिसका समुचित सत्यापन भी डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए कर दिया गया है।
दो करोड़ यूएएन सक्रिय
दो करोड़ से भी ज्यादा सदस्यों ने अपने पंजीकृत मोबाइल नम्बर के जरिए अपने यूएएन को सक्रिय कर दिया है। यही नहीं, जो भी कर्मचारी केवाईसी संबंधी शर्त को पूरा कर लेंगे, उनके लिए नियोक्ताओं के जरिए अपने फॉर्म का सत्यापन करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।
इन नये फॉर्मों यानी फॉर्म-19 (यूएएन), फॉर्म-10-सी (यूएएन) और फॉर्म-31 (यूएएन) से वे सभी कर्मचारी बड़ी संख्या में लाभान्वित होंगे, जिन्होंने अपनी आधार संख्या और बैंक खाता संख्या मुहैया कर दी है और जिनका सत्यापन डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए हो गया है।
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