क्या आप सपने देखते हैं? क्या आपमें कुछ नया करने की ललक है? है तो बहुत अच्छी बात है, अगर नहीं तो 6.5 मिनट के बाद आप सपने देखना शुरू कर देंगे। ऐसे सपने जो वाकई में सच हो सकते हैं, क्योंकि हम आपको बताने जा रहे हैं भारत के ई-कॉमर्स क्षेत्र के 8 दिग्गजों की सक्सेस स्टोरीज़।

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आरती गोयल

दिल्ली की आरती गोयल के अंदर कुछ बड़ा करने की इच्छा हमेशा से थी। यही कारण है कि तमाम अवरोधों के बावजूद उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा। आरती ने चांदनी चौक की एक लेन में एक छोटा सा बिजनेस शुरू किया। बिजनेस था कुशन, कप, तकिये के कवर, कुशन कवर, कपड़े के लैपटॉप बैग, आदि का। आरती खुद बनातीं और दुकान पर सजा देतीं, कभी ग्राहक आते, कभी नहीं आते। तभी आरती ने अपने प्रॉडक्ट्स को ऑनलाइन सेल करने के बारे में सोचा। ई-कॉमर्स पोर्टल से कॉनटैक्ट किया और अपने प्रॉडक्ट्स ऑनलाइन बेचने शुरू कर दिये।

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परिणाम: आरती खुद के प्रॉडक्ट्स बनाती हैं और इंटरनेट के माध्यम से बेचती हैं। एक दिन में करीब 800 प्रॉडक्ट बिक जाते हैं।

गौरव गोयल

इनोवेशन पर हमेशा से फोकस करने वाले कोलकाता के गौरव गोयल इलेक्ट्रॉनिक आइटम का बिजनेस करते थे। उन्हें ऑनलाइन सेल के बारे में कुछ पता नहीं था। उनकी मुलाकात स्नैपडील के सलाहकारों से हुई। और उन्होंने अपने उत्पाद स्नैपडील के माध्यम से बेचने शुरू कर दिये।

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परिणाम: पिछले एक साल में उनकी कंपनी की आय में 100 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

बालाजी

आईटी प्रोफेशनल बालाजी साड़‍ियां बनाने वाले एक परिवार से हैं। बचपन से साड़‍ियों का व्यापार देखते-देखते बड़े हुए बालाजी को पता था, साड़‍ियों की ऑनलाइन सेल धमाका कर सकती है। उन्होंने स्नैपडील से संपर्क किया और एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स और कुछ मॉडल्स की मदद से अपनी कंपनी की साड़‍ियों को ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल पर शोकेस किया। फिर क्या था उनका कैटलोग देखने के लिये लोगों की भीड़ जमा हो गई।

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परिणाम: आलम यह है कि हर तीन महीने पर बालाजी सारीज़ के नये केटलॉग आते हैं। वो इसलिये क्योंकि नया कैटलॉग आते ही साड़‍ियां धड़ाधड़ बिक जाती हैं।

दर्शन राजपारा

राजकोट के गोल्डन ब्वॉय दर्शन राजपारा जानते थे कि अगर बाजार में टिक कर काम करना है, तो इनोवेशन करने होंगे। स्कूल से निकाले जाने के बाद अपना खुद का बिजनेस शुरू करने वाले दर्शन अपनी खुद की डिजाइनें बनाना शुरू कीं। लेकिन तब भी उन्हें कोई पहचानता नहीं था। ऑटोकैड डिजाइन एक्सपर्ट दर्शन ने जब स्नैपडील से संपर्क किया तो उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया।

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परिणाम: स्नैपडील ज्वाइन करने के बाद हर तीन महीने पर वे 15 नये उत्पाद लेकर आते हैं।

प्राविध‍ि लखोटिया

प्राविध‍ि लखोटिया किचन के उत्पाद बनाती और बाजार में बेचने के लिये उन्हें बड़ी मशक्कत करनी पड़ती। लंबे संघर्ष के बाद जब वो स्नैपडील के संपर्क में आयीं, तो उनके बिजनेस में तेजी से वृद्ध‍ि हुई। दो बच्चों की मां के लिये यह सब करना इतना आसान नहीं था, लेकिन लगातार मेहनत करने से सफलता जरूर हाथ लगती है।

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परिणाम: 2012 में स्नैपडील के साथ जुड़ने वाली प्राविध‍ि के प्रॉडक्ट्स बहुत तेजी से बिक रहे हैं।

वीएस चंदिरा कुमार

नई-नई तकनीकियों से प्यार करने वाली वीएस चंदिरा कुमार की सफलता का सबसे बड़ा कारण यह है कि वो ऑनलाइन सेल की नब्स पहचानते थे। उन्होंने अपने उत्पादों को स्नैपडील के संपर्क में आने के बाद ऑनलाइन बेचना शुरू किया। वे 10 प्रॉडक्ट हर सप्ताह लाते।

परिणाम: आज चंदिरा 32 संदस्यों की टीम के साथ काम कर रहे हैं। उनका बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है।

रामानूजा चारी

रामानूजा चारी हमेशा कहते हैं कि कस्टमर ही राजा है। वो मानते हैं कि अपने राजा को खुश क्वालिटी प्रॉडक्ट्स से ही किया जा सकता है। अपने इलेक्ट्रॉनिक बिजनेस को उन्होंने स्नैपडील के साथ जोड़ा और बेहतरीन उत्पाद बनाने शुरू कर दिये।

परिणाम: उनका ऑनलाइन बिजनेस तेजी से बढ़ा और एक साल में टर्नओवर डबल हो गया।

अंशु अग्रवाल

अजमेर की आंशु अग्रवाल हमेशा कुछ बड़ा करना चाहती थीं। वो हमेशा कहतीं कि प्रॉडक्ट ऐसा बनाओ जो सबसे अलग हो और अपने आप में अकेला हो। उन्होंने जब स्नैपडील पर अपने प्रॉडक्ट्स बेचने शुरू किये तो लोगों ने तमाम बातें सुनायीं और उनका मनोबल नीचा करने के प्रयास किये। उन्होंने हार नहीं मानी और एक से बढ़कर एक प्रॉडक्ट देती गईं।

परिणाम: 2013 में स्नैपडील ज्वाइन करने वाली अंशु की 100 से ज्यादा डिजाइनें वेबसाइट पर हैं।