यूपीए-1 और यूपीए-2 सरकार की ओर से जो काम किए गए। उस समय जैसा माहौल बना था कि निवेशकों ने अपने हाथ खींच लिए। कोई निवेशक अपना निवेश भारत में नहीं करने आया। इसकी वजह यूपीए सरकार के दौरान कार्य को लेकर निवेशकों में विश्वास की कमी कहा जा सकता है। यह बात राज्य सांसद तरुण विजय का माना है । 'बिजनेस इकोनॉमिक' पत्रिका को दिए अपने एक साक्षात्कार में सांसद तरुण विजय ने कहा है कि यूपीए सरकार के दौर में निवेश पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे बेहद दर्दनाक थे। सांसद का मानना है कि देश के 42 से ज्यादा लोग बीस रुपए पर गुजारा कनरे पर मजबूर हो गए हैं। यही नहीं उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार एक ऐसी सरकार थी जिस दौरान बेरोजगारी की दर भी काफी अधिक थी।
छोटे व्यवसायों के लिए प्लान
देश में छोटे मध्यम स्तर के उद्योग व व्यवसायों को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा सरकार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार जानती है कि 92 फीसदी लोग मझोले स्तर के व्यवसाय कर रही है। इनको आगे बढ़ाने के लिए सरकार विशेष रूप से ध्यान देगी। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार ने ऐसी ही मध्यम स्तर के उद्योगों के लिए प्लान तैयार किया है जिससे विकास किया जा सके। कोशिश करेंगे कि इस क्षेत्र को भी वित्तीय रूप से मजबूत किया जा सके।
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