बीजिंग। चीन ने दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को शुक्रवार को चेतावनी दी कि वे अपनी मौद्रिक नीति के दूसरे देशों पर पड़ने वाले असर को समझें और अपनी मुद्रा का तेजी से अवमूल्यन नहीं करें। वाणिज्य मंत्री चेन डेमिंग ने संसद के सलाना सत्र के इतर मौके पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "जापानी येन, अमेरिका की मुद्रा डॉलर अथवा यूरो में किसी भी बड़े अवमूल्यन का मतलब है चीन और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए संकट।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक चेन ने कहा कि कई देशों ने अपनी घरेलू जरूरतों के अनुरूप क्वोंटिटेटिव ईजिंग का रास्ता अपनाया है। चेन ने कहा, "लेकिन इस नीति का असर दूसरे देशों पर नहीं पड़ना चाहिए।"
चेन के बयान से मुद्रा युद्ध की सम्भावना पर चीन की चिंता का पता चलता है। मुद्रा युद्ध में विभिन्न देश अपनी मुद्राओं का अवमूल्यन कर देश में आर्थिक तेजी लाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रमुख देशों के मुद्रा नीति निर्माताओं को पिछले महीने प्रतिस्पर्धी मुद्रा अवमूल्यन से बचाव के लिए हुई जी20 बैठक में बनी सहमति का पालन करना चाहिए।
जी20 देशों ने बैठक में वादा किया था कि वे मुद्रा युद्ध में शामिल नहीं होंगे और मुद्रा नीति का उपयोग सिर्फ घरेलू अर्थव्यवस्था के एक औजार के तौर पर ही किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
More Articles
- म्यूचुअल फंड में निवेश: आज पैसा लगाएं या सोमवार का इंतजार? NAV का गणित समझें
- FD, लिक्विड फंड या T-Bills: 2026 में निवेश के लिए कौन सा विकल्प है बेस्ट?
- क्रेडिट कार्ड बिल: आज है आखिरी तारीख, लेट फीस से बचना है तो अभी करें ये काम
- 31 जुलाई को खत्म हो रहे हैं क्रोमा और एप्पल के बैंक ऑफर्स: खरीदारी से पहले जान लें ये जरूरी नियम
- Jio यूजर्स के लिए आखिरी 72 घंटे: कैशबैक और फ्री OTT का फायदा उठाने के लिए अभी करें ये रिचार्ज
- Amazon Great Freedom Festival Sale: HDFC कार्ड पर 10% छूट, जानें कब से शुरू होगी शॉपिंग