15 August : जब भी रिटायरमेंट के लिए एक सुरक्षित निवेश की बात आती है तो फिर वह राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) का नाम तो जरूर ही आता है। एनपीएस में निवेश करके व्यक्ति एक मोटा फंड तैयार कर सकता है और रिटायरमेंट की चिंता से आजादी पा सकता है तो फिर आइए जानते हैं इसके बारे में।

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एनपीएस को पीएफआरडीए द्वारा चलाया जाता है। पीएफआरडीए एक केंद्र सरकार की ओर से नियंत्रित की जाने वाली संस्था है। इसमें निवेश कर एक मोटा पैसा जमा किया जा सकता है।

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इसमें निरंतर योगदान किया जाता है तो फिर 60 साल की उम्र के बाद इससे 60 फीसदी तक राशि को निकाला जा सकता हैं। इसमें बाकी जो भी राशि होती है उसका पेंशन के रूप में इस्तेमाल किया हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनपीएस में 10 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है और इसके साथ एनपीएस पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है।

18 साल से अधिक आयु वाला कोई भी व्यक्ति एनपीएस खाता खोल सकता है। वही, 70 वर्ष की आयु तक आप इसमें योगदान दे सकते हैं। इसमें योगदान देने वाले निवेशक को 1 वर्ष में मिनिमम 6 हजार रु की राशि का निवेश करना होता है। ये इन्वेस्टमेंट रिटायरमेंट तक जारी रहता हैं।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एनपीएस में 2 प्रकार के अकाउंट होते है। पहला -टियर 1 होता है और दूसरा टियर 2 होता है।

अगर हम एनपीएस के फायदे की बात करें तो फिर इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप इसमें रिटायरमेंट का फंड तो तैयार कर ही सकते हैं। इसके साथ ही आप टैक्स की भी सेविंग कर सकते हैं।

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अगर आप एनपीएस में इन्वेस्ट करते हैं तो आयकर एक्ट 1961 की धारा 80सी के तहत 1 लाख 50 हजार रु की ओर 80सीसीई के तहत 50 हजार रु की अतिरिक्त छूट प्राप्त कर सकते हैं।