नयी दिल्ली। उत्तर प्रदेश (यूपी) की योगी सरकार ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है। योगी सरकार का ये फैसला एमएसएमई सेक्टर के लिए बहुत लाभदायक होगा। यूपी में छोटे कारोबारों के मालिकों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) हासिल करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। उन्हें अपना कारोबार शुरू करने के लिए केवल 72 घंटों में एनओसी मिलेगा। योगी सरकार के नए एमएसएमई (स्थापना और संचालन) अधिनियम, 2020 के अनुसार फर्म्स को आवेदन दाखिल करने के तीन दिनों के अंदर सिंगल विंडो से एनओसी और 20 किलोवाट तक का बिजली कनेक्शन मिलेगा।
अभी राज्य में किसी भी एमएसएमई को 29 विभागों से 80 प्रकार के एनओसी लेने की आवश्यकता होती है। अब छोटे व्यवसाय के मालिकों को बस जिला-स्तरीय नोडल एजेंसी (डीएलएन) से संपर्क करना होगा, जो अधिनियम के तहत स्थापित की जाएगी। इस एजेंसी में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) सहित कई राज्य अधिकारी होंगे। ये कानून, जिसे रविवार को अधिसूचित किया गया था, राज्य में कारोबार शुरू करने की प्रोसेस को आसान बनाने की कोशिश के लिए है। इसे पिछले महीने पेश किया गया था।
द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार कानून के बारे में बोलते हुए यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एमएसएमई) नवनीत सहगल ने कहा कि डीएम और डिप्टी कमिश्नर (उद्योग) तीन दिनों के भीतर नए उद्योगों को लाइसेंस जारी करने में किसी भी विफलता के लिए जिम्मेदार होंगे। अगर कोई एमएसएमई कैटेगरी के तहत यूपी में कारोबार स्थापित करना चाहता है, तो उसे अपने उद्योग के लिए जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति के पास सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। इसके बाद समिति तुरंत इन दस्तावेजों की जांच और सत्यापन शुरू कर देगी और उद्योग शुरू करने के लिए आवश्यक लाइसेंस तीन दिनों के भीतर जारी किए जाएंगे।
कारोबार करने के लिए यूपी में अब आजादी भी होगी। एक बार किसी व्यवसाय के सभी अनुमति प्राप्त कर लेने पर सरकारी अधिकारियों को 1,000 दिनों तक किसी भी निरीक्षण की अनुमति नहीं दी जाएगी। राजस्व, श्रम, प्रदूषण नियंत्रण, ऊर्जा और अग्नि सुरक्षा जैसे अन्य विभागों के लिए तय किए गए जरूरी फॉर्म्स को भी जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति के पास जमा करना होगा। आप 'निवेश मित्र पोर्टल' के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ये इस सेक्टर के लिए सरकारी पोर्टल है।
योगी सरकार पहले ही वाराणसी और कानपुर सहित अपने सबसे अधिक औद्योगिक जिलों में से छह में एमएसएमई के लिए औद्योगिक पार्क तैयार करने का ऐलान कर चुकी है। राज्य सरकार ने मेरठ और प्रयागराज के बीच प्रस्तावित 601 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर काम भी शुरू कर दिया है। वाराणसी, आगरा, कानपुर, मुरादाबाद, गोरखपुर और आजमगढ़ में एमएसएमई पार्क स्थापित होंगे।
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