नयी दिल्ली। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) सेक्टर इकोनॉमी के लिए बहुत अहम है। कोरोना काल में इस सेक्टर को फंडिंग की जरूरत पड़ी तो सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी लोन स्कीम (ईसीएलजीएस) शुरू की थी। अब एक बैंक ने दिसंबर महीने में एमएसएमई और रिटेल सेक्टर को 10 हजार करोड़ रु का लोन देने का ऐलान किया है। प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक ने इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (जिसका केवल दिसंबर महीना ही बचा है) में एमएसएमई उद्यमों और रिटेल सेक्टर को 10,000 करोड़ रु के लोन देने की योजना बनाई है। बैंक का टार्गेट 2023 तक इन सेगमेंटों में अपनी संपत्ति और लायबिलिटी को दोगुना करना है।

Advertisement

एमएसएमई सेक्टर में बनाया रिकॉर्ड
यस बैंक ने अक्टूबर महीने में एमएसएमई को अब तक का सर्वाधिक लोन दिया। यस बैंक के लिए इस मामले में नवंबर भी बढ़िया रहा। दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में बैंक ने एमएसमई सेक्टर को करीब 6800 करोड़ रु का लोन आवंटित किया। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार अब ये मौजूदा तिमाही में 10000 करोड़ रु का लोन आवंटित करना चाहता है। 2023 तक बैंक अपनी रिटेल और एमएसएमई का हिस्सा अपने कुल लोन आवंटन में मौजूदा 45 फीसदी से बढ़ा कर 60 फीसदी करना चाहता है।

Advertisement

बैंक ने खोले 1.82 लाख अकाउंट
बैंक ने पहली तिमाही में लगभग 32,000 और दूसरी तिमाही में लगभग 1.5 लाख खाते खोले है। इसने अक्टूबर में 70,000 खाते खोलने का लाइफटाइम रिकॉर्ड हासिल किया और आने वाली तिमाहियों में बैंक का टार्गेट इन आंकड़ो को 1 लाख तक ले जाने की उम्मीद है। 30 सितंबर 2020 तक यस बैंक की जमा राशि 1.35 लाख करोड़ रु थी और मार्च 2021 तक इसे बढ़ा कर 2 लाख करोड़ रु करने का टार्गेट है।

Advertisement

ईसीएलजीएस का हुआ विस्तार
केंद्र सरकार ने हाल ही में ईसीएलजीएस का स्वास्थ्य क्षेत्र सहित कामत समिति द्वारा सुझाए गए 26 अन्य क्षेत्रों तक विस्तार किया है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड ने ईसीएलजीएस 2.0 योजना को लागू करने के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।