नयी दिल्ली। एमएसएमई (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) को लोन देने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने कई कदम उठाए हैं। यहां तक कि सरकार की इमरजेंसी क्रेडिट स्कीम के तहत एमएसएमई को लोन देने के मामले में भी एसबीआई ही सबसे आगे है। अब एसबीआई ने एमएसएमई फर्म्स को आसानी से लोन दिलाने के लिए एक और कदम उठाया है। बैंक ने एफएमसीजी की दिग्गज कंपनी एचयूएल (हिंदुस्तान यूनिलीवर) के साथ हाथ मिलाया है। इस पार्टनरशिप के जरिए छोटे रिटेल विक्रेताओं को आसानी से लोन दिलाया जाएगा। छोटे कारोबारियों को आसानी से क्रेडिट तक एक्सेस हासिल करने में मदद की जाएगी। एसबीआई और एचयूएल मिल कर नई दुनिया में बचे रहने के लिए छोटे कारोबारियों को डिजिटल होने में मदद करेंगे।

Advertisement

एचयूएल की ऐप से मिलेगा फायदा

पार्टनरशिप के तहत एचयूएल के वे रिटेलर, जो कंपनी की शिखर ऐप का इस्तेमाल करते हैं, वितरकों को भुगतान करने के लिए क्रेडिट सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। उन्हें ये फायदा पहुंचाने के लिए ऐप का एसबीआई योनो ऐप के साथ इंटीग्रेशन किया गया है। एचयूएल के चैयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव मेहता के अनुसार भारत में 1 करोड़ के करीब रिटेलर हैं। मगर असंठित क्षेत्र में काम करने के कारण उन्हें लोन हासिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही वे डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए भी अनिच्छुक रहे हैं।

दूर होगी क्रेडिट की समस्या

मेहता के मुताबिक एसबीआई के साथ पार्टनरशिप के जरिए देश में खुदरा विक्रेताओं और छोटे दुकानदारों के सामने आने वाली बहुत सी दिक्कतों को हल करने का प्रयास किया जाएगा। एसबीआई खुदरा विक्रेताओं को बिना रुकावट और आसान तरीके क्रेडिट मुहैया करने पर राजी हो गया है। इसमें किसी कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी। इससे रिटेलरों को बहुत जल्दी और बहुत आसान तरीके से क्रेडिट हासिल होगा। उनका मानना है कि यह एक जबरदस्त गेमचेंजर वाला कदम साबित होने जा रहा है।

क्या है एचयूएल की शिखर ऐप

एचयूएल का शिखर ऐप खुदरा विक्रेताओं को बिना सेल्समैन के स्टोर पर जाए भी ऑर्डर देने की सुविधा देता है। कोरोना संकट में ये ऐप देश भर में लाखों खुदरा विक्रेताओं के लिए एक बहुत बड़ा वरदान साबित हुआ है। एचयूएल और एसबीआई की पार्टनरशिप का एक मकसद रिटेलर्स को टेक्नोलॉजी स्वीकार कराना है। इससे वे और भी चीजों के लिए टेक्नोनॉजी का इस्तेमाल आसानी से कर सकेंगे।