अगर आप भी कोई नया बिजनेस करने के बारे में सोच रहे हैं, तो रविंद्र मेटकर की सफलता की यह कहानी आपको काफी प्रेरित करने वाली है. रविंद्र मेटकर ने मुर्गी पालन का अपना यह बिजनेस 5 रुपये से शुरू किया था. आज वह 60,000 रुपये कमा रहें हैं. आइए इनकी पूरी कहानी जानते हैं.

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रविंद्र मेटकर की कहानी

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रविंद्र मेटकर महाराष्ट्र के अमरावती जिले के छोटे से गांव में रहते हैं. उनका परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी. रविंद्र के पिता चपरासी थे. परिवार की आर्थिक तंगी को देखते हुए, उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ काम करना शुरू कर दिया. उन्होंने छोटी सी उम्र से ही केमिस्ट की दुकान काम करना शुरू कर दिया था. इस काम के लिए उन्हें रोज के पांच रुपये मिलते थे. रविंद्र पैसे बचाने के लिए घर से कॉलेज तक कई किलोमीटर दूर पैदल जाते थे.

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पड़ोसी से मिली मुर्गी पालन की प्रेरणा

रविंद्र के पड़ोस में रहने वाला एक व्यक्ति मुर्गी पालन करता था. पड़ोसी से प्रेरणा लेकर रविंद्र मेटकर ने भी मुर्गी पालन करने का फैसला किया. इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक 16 साल की उम्र में रविंद्र ने अपने पिता से 3,000 रुपये लेकर पोल्ट्री फार्म शुरू किया था.

रविंद्र ने अपना पोल्ट्री फॉर्म शुरू करने के लिए 100 मुर्गियां खरीदी. जिसके बाद उन्होंने अपने पोल्ट्री फॉर्म के लिए कड़ी मेहनत करी. उन्होंने अपने इस काम के साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखी. 1992 में उन्होंने अपना पोस्‍ट ग्रेजुएशन पूरा किया था. 1994 तक यानी दस साल की अवधि के अंतर्गत ही रविंद्र के पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की संख्या चार गुना हो गई. इसके बाद अमरावती में ही उन्होेंने एक एकड़ जमीन खरीदकर अपने व्यवसाय को बढ़ाया. अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए उन्होंने बैंक से पांच लाख रुपये का लोन लिया और अमरावती में 4,000 मुर्गियों के साथ पोल्ट्री फार्म शुरू की. जिसके बाद कुछ ही सालों में उनके फार्म में मुर्गियों की संख्या बढ़कर 12,000 हो गई.